Uttarakhand News:देहरादून, 17 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
19 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ आधुनिक रेलवे स्टेशन
हर्रावाला रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, वहीं इसके डिजाइन में दून घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाई देती है। स्टेशन परिसर में पारंपरिक ऐपण कला को भी स्थान दिया गया है।
रेलवे के आधुनिकीकरण पर दिया गया जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे में तेजी से बदलाव हो रहा है। रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और तकनीकी दक्षता में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक स्वदेशी ट्रेनें देश के परिवहन तंत्र को नई पहचान दे रही हैं।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना से पर्वतीय क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत होगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड को मिली दो वंदे भारत ट्रेनों से यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल रही है।
रेलवे अवसंरचना के लिए मिला रिकॉर्ड बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 में उत्तराखण्ड के रेलवे अवसंरचना विकास के लिए 4,769 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेल बजट आवंटित किया है। इसके अलावा राज्य में 39,491 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
विकसित उत्तराखण्ड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन राज्य की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक रेलवे अवसंरचना से उत्तराखण्ड में पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी तथा विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
