Haryana News: हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी कॉलेजों को मॉडल संस्कृति कॉलेज (Model Sanskriti Colleges) के रूप में विकसित कर उच्च शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए उच्च शिक्षा व्यवस्था को “री-डिजाइन, री-इमैजिन और री-इनवेस्ट” के सिद्धांतों पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
22 मॉडल संस्कृति कॉलेजों का हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 22 सरकारी कॉलेजों को मॉडल संस्कृति कॉलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन संस्थानों में आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। इन कॉलेजों को भविष्य में अधिक स्वायत्त (Autonomous) संस्थानों के रूप में विकसित करने की भी योजना है।
कौशल आधारित शिक्षा और उभरते क्षेत्रों पर फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
शिक्षा में नवाचार और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को उद्योगों और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इसके लिए अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन कॉलेज भवनों और शैक्षणिक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
हरियाणा को बनाना है वैश्विक शिक्षा केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो छात्रों को आधुनिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और रोजगारोन्मुख कौशल से लैस करे। उन्होंने विश्वास जताया कि मॉडल संस्कृति कॉलेजों की स्थापना से हरियाणा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल होगा।
