Punjab News: आम आदमी पार्टी पंजाब ने मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर बनी फिल्म ‘सतलज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे बोलने की आजादी पर हमला बताते हुए फिल्म पर लगी रोक तुरंत हटाने की मांग की है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के इतिहास और उस दौर की घटनाओं से जुड़ी सच्चाई को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाया गया है।
‘पंजाब के काले दौर की सच्चाई दिखाती है फिल्म’
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह फिल्म पंजाब के उस दौर की कहानी दिखाती है, जब राज्य में हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आए थे।
उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालरा ने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए लोगों तथा अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को सामने लाने का काम किया।
धालीवाल ने कहा कि ऐसे मानवाधिकार कार्यकर्ता के जीवन पर बनी फिल्म को लोगों तक पहुंचने से रोकना गलत है।
केंद्र की भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
धालीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार पंजाब के इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों के सामने नहीं आने देना चाहती।
उन्होंने कहा कि फिल्म में पंजाब के उस दौर की घटनाओं और तत्कालीन सरकारों की भूमिका को दिखाया गया है। इसी कारण फिल्म को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला लिया गया।
उन्होंने मांग की कि फिल्म पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए और लोगों को इसे देखने का अधिकार दिया जाए।
कांग्रेस और भाजपा के बीच गठबंधन का लगाया आरोप
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों राजनीतिक दल पंजाब के इतिहास से जुड़ी सच्चाई को नई पीढ़ी तक पहुंचने से रोकना चाहते हैं।
धालीवाल के अनुसार, फिल्म में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय पंजाब में हुई घटनाओं और सिख समुदाय के लोगों के साथ हुए कथित अत्याचारों को दिखाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाया गया है।
अकाली दल की भूमिका पर भी उठाए सवाल
AAP नेता ने शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालरा का संबंध अकाली दल से था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनके संघर्ष और परिवार का साथ नहीं दिया।
धालीवाल ने आरोप लगाया कि खुद को पंथक पार्टी बताने वाले अकाली दल ने मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले जसवंत सिंह खालरा और उनके परिवार के पक्ष में उस समय मजबूती से आवाज नहीं उठाई।
बीबी परमजीत कौर खालरा के इंटरव्यू का किया जिक्र
कुलदीप सिंह धालीवाल ने जसवंत सिंह खालरा की पत्नी बीबी परमजीत कौर खालरा के एक हालिया इंटरव्यू का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में बीबी खालरा ने अपने संघर्ष और मदद के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया है। धालीवाल के अनुसार, बीबी खालरा की बातें बेहद दर्दनाक हैं और पंजाब की तत्कालीन राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मदद मांगने के बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खालरा परिवार का साथ नहीं दिया।
सुखबीर बादल पर भी साधा निशाना
कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी हमला बोला।
उन्होंने कहा कि अकाली दल को अपने पिछले नेतृत्व की भूमिका पर जवाब देना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी ने जसवंत सिंह खालरा और उनके परिवार की मदद क्यों नहीं की।
धालीवाल ने कहा कि मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति के परिवार को अकेला छोड़ना बेहद गंभीर मामला है।
खालरा परिवार के साथ खड़े रहने का किया दावा
आम आदमी पार्टी ने कहा कि वह जसवंत सिंह खालरा के परिवार और पंजाब के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार से फिल्म ‘सतलज’ पर लगी रोक हटाने की मांग करते हुए कहा कि पंजाब के इतिहास और उससे जुड़ी घटनाओं को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोगों को इतिहास से जुड़े तथ्यों और घटनाओं को जानने का अधिकार है और अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान किया जाना चाहिए।
