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Punjab News: E-20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, वाहन चालकों के लिए मांगा विकल्प

पंजाब
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Punjab News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश के लोगों पर जबरदस्ती E-20 पेट्रोल लागू कर रही है और इसके समर्थन में ऑटोमोबाइल कंपनियों से बयान दिलवाए जा रहे हैं।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर चल रहे हैं, जिन्हें E-20 पेट्रोल के अनुसार तैयार नहीं किया गया है। ऐसे में वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों की माइलेज कम होने और इंजन समेत अन्य पार्ट्स को नुकसान पहुंचने की चिंता है।

ऑटो कंपनियों के बयानों पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने छह प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों से E-20 पेट्रोल के समर्थन में जनता के सामने अपनी बात रखने के लिए कहा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प के प्रतिनिधियों ने कहा कि पुराने E-0, E-5 और E-10 वाहनों में भी E-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा और केवल माइलेज में कुछ कमी आ सकती है।

केजरीवाल ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियों के ओनर मैनुअल में दी गई जानकारी इससे अलग है।

ओनर मैनुअल का हवाला देकर कंपनियों को घेरा

केजरीवाल ने टोयोटा और मारुति के ओनर मैनुअल का हवाला देते हुए दावा किया कि इनमें 10 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि मैनुअल में यह भी बताया गया है कि अगर एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद वाहन की ड्राइविंग क्षमता या माइलेज से जुड़ी परेशानी आती है, तो वाहन मालिकों को बिना एथेनॉल वाले पेट्रोल का इस्तेमाल करना चाहिए।

केजरीवाल ने सवाल किया कि जब कंपनियों के ओनर मैनुअल में ऐसी जानकारी दी गई है, तो पुराने वाहनों में E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल को सुरक्षित कैसे बताया जा सकता है।

ऑटो कंपनियों को चिट्ठी लिखेंगे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर E-20 पेट्रोल को लेकर लिखित जवाब मांगेंगे।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर E-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से किसी वाहन की माइलेज ज्यादा गिरती है या इंजन और फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स खराब होते हैं, तो क्या कंपनी वाहन मालिक को मुआवजा देगी?

केजरीवाल ने कहा कि वह उन कंपनियों से भी जवाब मांगेंगे, जिन्होंने कथित तौर पर सरकार के कहने के बावजूद E-20 पेट्रोल के समर्थन में बयान नहीं दिया।

प्रधानमंत्री मोदी को भी पत्र लिखने की बात

केजरीवाल ने कहा कि वह अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगे।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी व्यक्ति के वाहन की माइलेज कम होती है या इंजन और फ्यूल सिस्टम खराब होता है, तो नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार करेगी या संबंधित ऑटो कंपनी?

उन्होंने कहा कि वाहन मालिकों पर आर्थिक नुकसान का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

दूसरे देशों का उदाहरण देकर सरकार के दावों पर सवाल

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के उस तर्क पर भी सवाल उठाया कि दुनिया के कई देशों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि जर्मनी, अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों में कम एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का इस्तेमाल होता है, जबकि थाईलैंड में वाहन चालकों के पास E-10 और E-20 दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।

केजरीवाल ने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए लंबा समय दिया गया है।

ब्राजील का उदाहरण देकर लंबे बदलाव की जरूरत बताई

केजरीवाल ने कहा कि ब्राजील में ज्यादा एथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल होता है, लेकिन वहां वाहनों और ईंधन व्यवस्था को इसके अनुसार तैयार करने में कई दशक लगे।

उन्होंने कहा कि भारत में भी E-20 पेट्रोल लागू करने से पहले वाहन मालिकों, ऑटो कंपनियों और पेट्रोल पंपों को बदलाव के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था।

भारत में E-20 लागू करने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

केजरीवाल ने दावा किया कि भारत में फरवरी 2023 में ट्रायल के तौर पर करीब 1900 पेट्रोल पंपों पर E-20 पेट्रोल उपलब्ध कराया गया था।

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 तक इसे देशभर के करीब 90 हजार पेट्रोल पंपों तक पहुंचा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी तेजी से बदलाव करने के कारण पुराने वाहन मालिकों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

30 करोड़ पुराने वाहनों को लेकर जताई चिंता

केजरीवाल ने दावा किया कि देश में करीब 22 करोड़ मोटरसाइकिल और आठ करोड़ कारें ऐसी हैं, जिन्हें E-20 पेट्रोल के अनुसार नहीं बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि करीब 30 करोड़ वाहनों के मालिकों को E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से भविष्य में तकनीकी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पेट्रोल पंपों पर E-0, E-10 और E-20 का विकल्प देने की मांग

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से E-20 पेट्रोल को लेकर अपनी नीति पर दोबारा विचार करने की अपील की।

उन्होंने मांग की कि पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को E-0, E-10 और E-20 पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।

केजरीवाल ने कहा कि अलग-अलग प्रकार के पेट्रोल की कीमत अलग रखी जा सकती है और वाहन मालिक अपनी गाड़ी की जरूरत, बजट और पसंद के अनुसार पेट्रोल चुन सकें।

उनका कहना है कि E-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करना है या नहीं, इसका फैसला वाहन मालिकों को करने का अधिकार मिलना चाहिए।