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Chhattisgarh News: नक्सल मुक्त गांवों के विकास पर सरकार का जोर, 50 गांवों में एक-एक करोड़ रुपये के काम होंगे मंजूर

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, राहत और पुनर्वास से जुड़े कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित लोगों और नक्सल मुक्त हो चुके गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ जल्द पहुंचाने पर जोर दिया।

कम गंभीर नक्सल मामलों की होगी कानूनी समीक्षा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जेल में बंद ऐसे नक्सल आरोपियों के मामलों की कानूनी समीक्षा की जाए, जिन पर गंभीर जनहानि से जुड़े मामले दर्ज नहीं हैं।

उन्होंने अधिकारियों को विधि विभाग की मदद से सरकारी वकीलों और अभियोजन अधिकारियों की एक टीम बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह टीम कानून के अनुसार मामलों की समीक्षा करेगी और योग्य मामलों में केस वापस लेने तथा आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया पर चर्चा करेगी।

हर सप्ताह होगी मामलों की समीक्षा बैठक

नक्सल मामलों की समीक्षा और केस वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए हर सप्ताह बैठक आयोजित की जाएगी।

यह बैठक संबंधित मामले से जुड़े जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में होगी।

बैठक में मामलों की प्रगति, कानूनी प्रक्रिया और जरूरी कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।

50 नक्सल मुक्त गांवों में होंगे एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने कभी अत्यधिक नक्सल प्रभावित रहे गांवों के विकास के लिए विशेष योजना बनाई है।

नक्सल मुक्त प्रस्ताव पारित होने के बाद ऐसे गांवों में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य मंजूर किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने, रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करने तथा विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना है।

सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के गांवों का हुआ चयन

इस योजना के पहले चरण में 50 गांवों की पहचान की गई है।

इनमें सुकमा जिले के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर जिले के 10 गांव शामिल हैं।

सरकार इन गांवों की जरूरतों के अनुसार विकास परियोजनाओं को मंजूरी देगी।

15 अगस्त को नक्सल मुक्त गांवों में निकलेगी तिरंगा यात्रा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में तिरंगा फहराया जाए।

इन गांवों में तिरंगा यात्रा और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, लोगों का विश्वास और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा।

नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को मिलेगा आवास

सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत घर उपलब्ध कराने पर काम करेगी।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ मिले।

बड़ी नक्सली घटनाओं वाले क्षेत्रों में बनेंगे स्मारक

जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां सामुदायिक स्मारक बनाने की योजना है।

इन स्मारकों का निर्माण नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले नागरिकों की स्मृति में किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य शहीदों और पीड़ित परिवारों की यादों को सम्मान देना है।

शहीदों के परिवारों को समय पर मिले सभी सुविधाएं

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने नक्सली घटनाओं में शहीद जवानों और मारे गए नागरिकों से जुड़े मामलों की जिलेवार जानकारी ली।

उन्होंने पीड़ित परिवारों को दी गई आर्थिक सहायता और लंबित मामलों की भी समीक्षा की।

विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहीदों के परिवारों को सरकार द्वारा तय सभी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए और किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।

पुनर्वासित युवाओं को एक महीने में मिलेगी प्रोत्साहन राशि

उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वास नीति के तहत पुनर्वासित युवाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान अगले एक महीने के अंदर करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी सरकारी डैशबोर्ड पर दर्ज करने को भी कहा है।

इससे योजनाओं और सहायता राशि की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए बनेगी अंतरराज्यीय समिति

विजय शर्मा ने माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी और उनकी पहचान के लिए अंतरराज्यीय समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह समिति अलग-अलग राज्यों के रिकॉर्ड का मिलान करेगी और बरामद हथियारों की जानकारी जुटाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जंगलों में कोई हथियार न छूटे और सभी हथियारों की तलाश तथा बरामदगी के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए।

सरकार का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ विकास, पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।