Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए बड़े भर्ती अभियान को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 619 मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) पदों पर भर्ती और उद्योग विभाग में 97 महत्वपूर्ण पदों को भरने का फैसला किया है। इस संबंध में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की।
स्वास्थ्य विभाग में 619 पदों पर होगी भर्ती
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) ग्रुप-सी के कुल 619 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इस भर्ती का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना तथा लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि इन पदों में प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति दोनों का प्रावधान रखा गया है।
- 220 पद ऐसे हैं जो एक वर्ष से कम समय से रिक्त हैं।
- 346 पद पदोन्नति (प्रमोशन) के माध्यम से प्रशिक्षित दाई (Trained Dai) कैडर के कर्मचारियों को दिए जाएंगे।
- 53 पद, जिन्हें वर्ष 2019 के वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत समाप्त कर दिया गया था, उन्हें कैबिनेट की मंजूरी के बाद दोबारा बहाल किया जाएगा।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी करेगी भर्ती प्रक्रिया
भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और अनावश्यक देरी से बचने के लिए सरकार ने इस भर्ती को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखने का फैसला किया है।
इन सभी पदों की भर्ती बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़, फरीदकोट के माध्यम से कराई जाएगी। विश्वविद्यालय को इस प्रक्रिया के लिए पहले ही औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है।
नियुक्ति पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2025 के तहत लेवल-3 वेतनमान (₹21,700 से ₹69,100) में की जाएगी।
सरकार पर पड़ेगा 16 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त भार
वित्त मंत्री ने बताया कि इन 619 पदों को भरने के बाद परिवीक्षा अवधि के दौरान राज्य सरकार पर लगभग 16.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। इसके बावजूद सरकार ने जनस्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए इस भर्ती को मंजूरी दी है।
उद्योग विभाग में भी होगी नई भर्ती
सरकार ने उद्योग विभाग की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक और फील्ड कैडर के 97 पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 में विभागीय पुनर्गठन के दौरान 1,728 स्वीकृत पदों में से 721 पद समाप्त कर दिए गए थे, जिससे विभाग की कार्य क्षमता पर असर पड़ा। वर्तमान में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए इन पदों पर भर्ती आवश्यक हो गई है।
विभागीय पुनर्गठन की भी तैयारी
हरपाल सिंह चीमा ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह अपनी वर्तमान प्रशासनिक आवश्यकताओं और कार्यभार का विस्तृत अध्ययन कर एक आधुनिक पुनर्गठन रिपोर्ट तैयार करे। इसके आधार पर भविष्य की भर्ती और दीर्घकालिक मानव संसाधन योजना तैयार की जाएगी।
रोजगार और जनसेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रिक्त पद भरना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम जनता से जुड़े विभागों में कर्मचारियों की कमी न रहे और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें।
