Bihar News: पटना, 12 जून 2026। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब BIADA की परियोजना समाशोधन समिति (Project Clearance Committee-PCC) की बैठक प्रत्येक दूसरे सप्ताह के बृहस्पतिवार को सुबह 11:30 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक हाइब्रिड मोड में होगी, यानी निवेशक और अधिकारी ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसमें शामिल हो सकेंगे।
उद्योग विभाग के सचिव की अध्यक्षता में होगी बैठक
नई व्यवस्था के अनुसार PCC की बैठकों की अध्यक्षता उद्योग विभाग के सचिव सह BIADA एवं IDA के प्रबंध निदेशक श्री कुंदन कुमार करेंगे। इस फैसले का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना है।
पहले मंगलवार को होती थी बैठक
अब तक परियोजना समाशोधन समिति की बैठकें वैकल्पिक मंगलवार को आयोजित की जाती थीं। लेकिन निवेशकों की जरूरतों और प्रक्रियाओं को अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से बैठक के दिन में बदलाव किया गया है। सरकार का मानना है कि नियमित और तय समय पर होने वाली बैठकों से परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया और अधिक तेज होगी।
निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ
BIADA का यह कदम निवेशकों और उद्यमियों के लिए काफी उपयोगी माना जा रहा है। हाइब्रिड मोड की सुविधा मिलने से दूर-दराज के निवेशकों को भी बैठक में शामिल होने के लिए यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान हो सकेगा।
पारदर्शी और दक्ष प्रणाली विकसित करने पर जोर
BIADA लगातार राज्य में निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। संस्था का लक्ष्य उद्योगों के लिए एक ऐसी अनुमोदन प्रणाली विकसित करना है जो पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध हो। नियमित PCC बैठकों के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा और स्वीकृति प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाएगा।
बिहार को औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में कदम
राज्य सरकार और BIADA का मानना है कि इस नई व्यवस्था से औद्योगिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ेगी और नए निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी अधिक आसान होंगी। यह पहल बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक गंतव्यों में शामिल करने और राज्य में रोजगार तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
