UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को यातायात और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 1,519 करोड़ रुपये की लागत से बनी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कुछ हिस्सों का लोकार्पण और नए चरणों का शिलान्यास किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ अब सच में “मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं” की पहचान बनता जा रहा है। उनका कहना था कि राजधानी को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर काम किया जा रहा है।
बिना सरकारी बजट के तैयार हुआ प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर में सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया और उसी संसाधन का उपयोग करके यह परियोजना तैयार की।
करीब 1,519 करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट शहरी विकास के क्षेत्र में एक नया मॉडल माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि बेहतर संसाधन प्रबंधन से बड़े विकास कार्य किए जा सकते हैं।

28 किलोमीटर लंबा होगा ग्रीन कॉरिडोर
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत शहर में करीब 28 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार किया जा रहा है। इसके पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं।
इनमें आईआईएम रोड से पक्का पुल और पक्का पुल (डालीगंज) से समता मूलक चौराहा तक के मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा समता मूलक चौराहा से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया है।
यह पूरा मार्ग शहर के कई हिस्सों को जोड़ते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को आसान बनाएगा।
45 मिनट का सफर अब 10–15 मिनट में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से शहर में यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। पहले जिन रास्तों पर लोगों को 45 मिनट से एक घंटा लग जाता था, अब वही दूरी 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी।
इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।
लखनऊ बन रहा आधुनिक राजधानी का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लखनऊ देश के आधुनिक शहरों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। बेहतर सड़कें, स्वच्छता और नई सुविधाएं इसे एक आधुनिक राजधानी का मॉडल बना रही हैं।
उन्होंने बताया कि अटल सरकार के समय शहीद पथ का निर्माण हुआ था और बाद में केंद्र सरकार के सहयोग से किसान पथ बनाया गया। इन सड़कों ने लखनऊ के विकास को नई दिशा दी है।

रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी का नया केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से यहां ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना स्थापित हुई है। इससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित करना है, ताकि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास हो सके।
