Chhattisgarh News: सुशासन तिहार ने बदली दिव्यांग जीवन लाल की जिंदगी

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार की “सुशासन तिहार” पहल अब लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने सभी का दिल छू लिया। यहां दिव्यांग जीवन लाल साहू को मुफ्त ट्राइसाइकिल दी गई, जिससे उनके जीवन को नई दिशा मिली है।

जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता से जूझ रहे हैं। कई सालों तक उन्हें एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए घुटनों के बल चलना पड़ता था। रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता था। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हमेशा आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की कोशिश की।

संघर्ष के बीच परिवार का सहारा बने जीवन लाल

शारीरिक परेशानी के बावजूद जीवन लाल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि के काम में मदद करते रहे। गांव में आने-जाने और खेत तक पहुंचने में उन्हें काफी दिक्कत होती थी, लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी खुद को कमजोर नहीं होने दिया।

जीवन लाल के परिवार को सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। उन्हें हर महीने दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है। इसके अलावा राशन कार्ड के जरिए 35 किलो चावल भी उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी उनके आने-जाने की थी, जो अब काफी हद तक दूर हो गई है।

सुशासन तिहार में मिली नई जिंदगी

ग्रामीणों से “सुशासन तिहार” के बारे में जानकारी मिलने के बाद जीवन लाल अपनी समस्या लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पहुंचे। प्रशासन ने उनकी परेशानी को गंभीरता से लिया और बिना देरी किए शिविर स्थल पर ही उन्हें मुफ्त ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई।

ट्राइसाइकिल मिलने के बाद जीवन लाल बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें गांव या खेत जाने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उनके लिए यह सिर्फ एक ट्राइसाइकिल नहीं, बल्कि नए पैरों की तरह है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी।

मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार

जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार की इस मदद ने उनके जीवन को आसान बना दिया है। उन्होंने कहा कि अब वे पहले की तुलना में ज्यादा स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अपने काम खुद कर सकेंगे।

गांव के लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि सुशासन तिहार के जरिए जरूरतमंद लोगों तक सीधे मदद पहुंच रही है, जिससे उनका जीवन बदल रहा है।

सुशासन तिहार बना लोगों के लिए उम्मीद

धमतरी जिले का यह शिविर इस बात का उदाहरण बन गया कि जब प्रशासन लोगों तक खुद पहुंचता है, तो समस्याओं का समाधान तेजी से होता है। जीवन लाल की कहानी अब दूसरे दिव्यांग लोगों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

सरकार का उद्देश्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद मदद से वंचित न रहे। सुशासन तिहार के जरिए अब लोगों में सरकार और प्रशासन के प्रति भरोसा भी मजबूत हो रहा है।