Punjab News: पंजाब विधानसभा में पेश किए गए बजट को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि महिलाओं को ₹1000 की आर्थिक सहायता देने के फैसले से नाराज होकर विपक्ष ने बजट पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस फैसले का सामना करने से बचना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने सदन से दूरी बना ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर विपक्ष को वास्तव में गरीब परिवारों की परेशानियों का अंदाजा होता, तो वे महिलाओं को आर्थिक मदद देने का विरोध नहीं करते। उनके मुताबिक यह फैसला राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
“शहीदों के सपनों को पूरा करने वाला बजट”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब सरकार के इस बजट को “शहीदों के सपनों का बजट” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट शहीद भगत सिंह और शहीद उधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के सपनों को साकार करने के लिए तैयार किया गया है।

मान ने कहा कि उनकी सरकार ने चार साल के भीतर जनता से किए गए सभी चुनावी वादों को पूरा करने का प्रयास किया है और अब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भी नया एजेंडा तैयार किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए खास योजनाएं
सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में महिलाओं के लिए कई अहम योजनाओं का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री मावां-धीयां सम्मान योजना” के तहत राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा “मेरी रसोई योजना” के तहत करीब 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत परिवारों को चीनी, दाल, सरसों का तेल, हल्दी और नमक जैसी जरूरी चीजों की किट दी जाएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी फोकस
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रही है। राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिससे एमबीबीएस की 600 नई सीटें बढ़ेंगी।
इसके साथ ही राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक 5 करोड़ से अधिक ओपीडी एंट्री दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक करीब 64,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा पंजाब पुलिस में 10,000 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और पुलिस व्यवस्था भी मजबूत होगी।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के विकास को रोकने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने जनता को केवल चुनावों के समय याद किया और वोट हासिल करने के लिए पैसे और शराब का सहारा लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष पहले दावा करता था कि वह एक साल भी मुख्यमंत्री नहीं रह पाएंगे, लेकिन वह चार साल से मुख्यमंत्री हैं और 2027 के बाद भी वही इस पद पर बने रहेंगे।
पंजाब के मुद्दों पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़, एसवाईएल नहर और पानी के मुद्दे पर भी अपनी सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के संसाधनों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
पंजाब विधानसभा में पेश किया गया यह बजट जहां सरकार के अनुसार विकास और जनकल्याण को बढ़ावा देने वाला है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के कारण यह बजट राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन योजनाओं का राज्य की राजनीति और जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है।
