Who is this rich man whom the police has not been able to arrest till now?

UP News: कौन है ये धनकुबेर जिसको अब तक पुलिस नहीं कर पा रही है गिरफ्तार!

दिल्ली NCR नोएडा
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UP News: उत्तरप्रदेश के पीलीभीत में एक ऐसा धनकुबेर सामने आया है जो पेशे से सरकारी महकमे में चपरासी है लेकिन इसकी हैसियत इतनी है कि करोड़ों का घोटाला करने के बावजूद पुलिस इसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। इल्हाम उर्र रहमान शम्सी पर आरोप है कि इसने माध्यमिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों के फर्जी वेतन के नाम पर करोड़ो का घोटाला किया गया है। घोटाला सामने आने के बावजूद यह शख्स आराम से हाईकोर्ट में जाता है। तीन दिन रहता है और फोटो खिंचवा कर उसे एफेडेविट करा कर चला जाता है। शनिवार यानी आठ मार्च को यह शख्स ऐसा ही आया और हाईकोर्ट मे इसने अपनी फोटो खिंचवाई लेकिन पीलीभीत पुलिस इसे फिर भी पकड़ने में नाकाम रही। इससे पहले भी 24 फरवरी को इल्हाम उर्र रहमान शम्सी इलाहाबाद हाईकोर्ट में आता है अपनी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने के लिए और तब भी पीलीभीत की पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई।

कौन है इल्हाम उर्र रहमान शम्सी?
इल्हाम उर्र रहमान शम्सी जनता इंटर टेक्निकल कॉलेज बिलासपुर में चपरासी के तौर पर कार्यरत था लेकिन इसे प्रतिनियुक्ति पर डीआईओएफ राजीव कुमार के साथ काम करने के लिए लगा दिया गया। यहां पोस्टिंग के बाद इल्हाम उर्र रहमान शम्सी ने बिना प्रशासनिक ऑर्डर के डाटा एंट्री ऑपरेटर का काम शुरू कर दिया। जिसकी अभी जांच होनी बाकी है कि आखिर किसने इल्हाम उर्र रहमान शम्सी से डाटा एंट्री का काम किया और किसके कहने पर यह करता था।

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इल्हाम उर्र रहमान शम्सी ने कैसे यह घोटाला किया। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए इल्हाम उर्र रहमान शम्सी शिक्षकों का नाम वेतन की लिस्ट में डालता था लेकिन एकाउंट नंबर अपनी पत्नी और दूसरे लोगों का डालता था। जाहिर सी बात है कि इन सबकी जानकारी डीआईओएफ राजीव कुमार और बाकी अधिकारियों को भी जरूर होगी क्योंकि बिना उनकी जानकारी और सहमति के इल्हाम उर्र रहमान शम्सी इस घोटाले को अंजाम दे पाता ऐसा संभव नहीं है।

कैसे सामने आया मामला ?
इल्हाम उर्र रहमान शम्सी और उसके तथाकथित अधिकारियों और कर्मचारियों का गैंग अपने इस काम को लगातार अंजाम दे रहा था लेकिन जब इसकी पत्नी में लगातार इतनी बड़ी रकम आने लगी तो बैंक ऑफ बरौदा जिसमें इसकी पत्नी का एकाउंट था वहां के मैनेजर को इस पर शक हुआ। मैनेजर ने पहले तो एकाउंट को फ्रीज किया और इसकी जानकारी पीलीभीत के डीएम को दी। डीएम ने इसकी जांच की और जांच में ये कहा गया कि घोटाला करीब एक करोड़ है लेकिन सूत्रों के अनुसार यह घोटाला करोडों का है।

मामला सामने आने के बाद इल्हाम उर्र रहमान शम्सी और उसकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया और पुलिस ने सिर्फ उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। लेकिन इल्हाम उर्र रहमान शम्सी अभी खुलेआम घूम रहा है। कई धराओं के अंतर्गत इस पर एफआईआर तो दर्ज कर ली गई है लेकिन इसकी गिरफ्तारी कब होगी यह बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है। सूत्रों की माने तो इल्हाम उर्र रहमान शम्सी की रहमान की पहुंच ऊपर तक है दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि इसकी पहुंच गृहमंत्रालय से लेकर न्यायालय तक है।

हालांकि हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं लेकिन जिस तरह से पुलिस इसे गिरफ्तार करने से बच रही है उससे तो यहीं लगता है कि इसकी धमक ऊपर तक है। हो सकता है कि इल्हाम उर्र रहमान शम्सी को बचाने के लिए कई बड़े चेहरे लगे हो ताकि ये गिरफ्तार ना हो क्योंकि इसकी गिरफ्तारी से कईयों की कलई खुल सकती है। कोशिश तो यहां तक की जा रही है कि इस मामले को पूरी तरह से रफा-दफा कर दिया जाए या फिर इसे अग्रिम जमानत मिल जाए।

Disclaimer: खबरी मीडिया को भेजे गए पत्र के मुताबिक। संस्थान इस खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।