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Jharkhand: फेक सर्टिफिकेट पर डॉक्टर बनने वालों पर कसी लगाम, CM हेमंत ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

झारखंड राजनीति
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सीएम ने बनाई अंतर-विभागीय जांच कमेटी

Jharkhand News: झारखंड में एमबीबीएस और पीजी मेडिकल सीटों पर नकली जाति, आवासीय (स्थानीय) और EWS प्रमाण पत्र लगाकर नामांकन लेने वालों पर अब बड़ी कार्रवाई तय है। सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है- फेक दस्तावेजों के सहारे मेडिकल शिक्षा में प्रवेश लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…

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सीएम ने बनाई अंतर-विभागीय जांच कमेटी

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अंतर-विभागीय जांच समिति के गठन का निर्देश दिया। यह समिति सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में UG तथा PG पाठ्यक्रमों में फर्जी जाति, स्थायी निवासी या EWS प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने वालों की सूची तैयार करेगी। सरकार द्वारा की जा रही यह कार्रवाई बताती है कि सीएम हेमंत सोरेन गलत तरीके से आरक्षण का लाभ उठाने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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सीआईडी को FIR दर्ज करने का निर्देश

सीएम ने स्पष्ट कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही सीआईडी द्वारा FIR दर्ज कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह कदम सरकार की पारदर्शिता और निष्पक्षता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे योग्य छात्रों के अधिकारों पर कोई आंच न आए।

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काउंसलिंग की तिथि बढ़ाने के लिए केंद्र को पत्र

सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भारत सरकार को काउंसलिंग की तिथि बढ़ाने के लिए पत्र भेजें। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्ट्रे राउंड (Stray Round) की काउंसलिंग कराई जाए, जिससे कोई भी फर्जी दस्तावेज़ वाला अभ्यर्थी प्रणाली में जगह न बना सके। यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

धनबाद मेडिकल कॉलेज की घटना बनी वजह

धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में हाल ही में एक छात्रा द्वारा प्रस्तुत ST जाति प्रमाण पत्र को फर्जी पाया गया था। गोड्डा के अंचल अधिकारी ने जांच के दौरान इस प्रमाण पत्र को गलत पाया। इतना ही नहीं, कॉलेज द्वारा मांगा गया शपथ पत्र भी फर्जी निकला।

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इस गंभीर मामले ने सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया, जिसके बाद सीएम हेमंत सोरेन ने तत्परता दिखाते हुए व्यापक जांच कमेटी गठित कर दी। यह कदम बताता है कि सरकार गड़बड़ियों को खत्म करने और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।