Vantara: Supreme Court's decision, all allegations against Vantara regarding carbon credits are baseless

Vantara: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, वंतारा पर कार्बन क्रेडिट के सभी आरोप निराधार

दिल्ली दिल्ली NCR
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Vantara: सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच टीम (SIT) ने जमनगर स्थित वंतारा, वन्यजीव देखभाल और संरक्षण केंद्र, को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इसमें यह दावा भी शामिल था कि वंतारा जानवरों को केवल कार्बन क्रेडिट कमाने के लिए रख रहा था।

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अनंत अंबानी द्वारा रिलायंस फाउंडेशन के तहत स्थापित वंतारा दुनिया के सबसे बड़े संरक्षण प्रयासों में से एक है। यहाँ हजारों बचाए गए और संरक्षण के अंतर्गत रखे गए जानवर रहते हैं और लगभग 3,000 विशेषज्ञ और कर्मचारी काम करते हैं। SIT ने केंद्र के संचालन और फंडिंग की पूरी समीक्षा की और पुष्टि की कि पानी के संसाधनों और कार्बन क्रेडिट के गलत इस्तेमाल के आरोप पूरी तरह निराधार थे। ये आरोप तथ्य और कानूनी आधार से खाली थे और केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रस्तुत किए गए थे, और वास्तविकता से मेल नहीं खाते थे।

SIT ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई ऐसा मान्यता प्राप्त ढांचा नहीं है, जो जंगली जानवरों को बचाने, उनको आवास देने या उनकी देखभाल करने के लिए कार्बन क्रेडिट देता हो। वंतारा ने न तो कभी इसके लिए आवेदन किया और न ही कोई क्रेडिट प्राप्त किया है। इसका काम पूरी तरह दान और परोपकारी साधनों से चलता है और किसी भी प्रकार की कमाई या पर्यावरणीय क्रेडिट से जुड़ा नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने SIT की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है, जिससे मामला अब बंद हो गया है और वंतारा की वन्यजीव कल्याण और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई है।