Uttarakhand: धामी कैबिनेट में 11 प्रस्तावों पर लगी मुहर, उत्तराखंड बनेगा योग हब, मिलेंगी 13,000 नौकरियां
Uttarakhand News: उत्तराखंड के लोगों के लिए बड़ी और अच्छी खबर है। आपको बता दें कि उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक सम्पन्न हुई। धामी सरकार की इस कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण योग नीति को मंजूरी मिलना है। धामी सरकार (Dhami Government) द्वारा योग नीति देश की पहली योग नीति है। इस योग नीति के जरिए प्रदेश के पांच क्षेत्र को योग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को 75 करोड़ रुपए लोन देना का निर्णय भी लिया।
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उत्तराखंड (Uttarakhand) को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए देश की पहली योग नीति 2025 को भी मंजूरी मिल गई है। इस नीति के तहत प्रदेश में योग और वेलनेस केंद्रों में निवेश पर अनुदान देगी। बड़े उद्यमियों को राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए कैबिनेट ने मेगा इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट नीति को भी मंजूरी दे दी है। सचिव मंत्रिपरिषद शैलेश बगौली ने फैसलों की जानकारी दी।
13,000 लोगों को मिलेगी नौकरी
साल 2030 तक के लिए मंजूर योग नीति (Yoga Policy) के तहत प्रदेश सरकार जागेश्वर, मुक्तेश्वर, व्यास घाटी, टिहरी और कोली ढेक झील क्षेत्र को योग हब के तौर पर विकसित करेगी। धामी सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में योग और वेलनेस केंद्र में निवेश पर 50 प्रतिशत और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करेगी। उत्तराखंड में खोले जाने वाले योग व ध्यान केंद्रों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। 300 से ज्यादा आयुष, हेल्थ और वेलनेस केंद्रों में योग की शुरुआत होगी। योग व प्राकृतिक चिकित्सा निदेशालय बनेगा। योग, ध्यान और प्राकृत चिकित्सा के क्षेत्र में शोध के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है,जो शोध करने पर अनुदान के रूप में दी जाए। नीति के अनुसार उत्तराखंड में लगभग 13,000 से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। 2500 योग शिक्षकों के लिए योगा सर्टिफिकेशन बोर्ड से प्रमाणित होंगे। 10,000 से अधिक योग अनुदेशकों को होमस्टे, होटल आदि में रोजगार मिलने की संभावना है।

वहीं, इस बैठक में प्रिक्योरमेंट नियमावली में भी संशोधन किया गया है। उत्तराखंड में 10 करोड़ रुपए रुपए तक के विभागीय कार्यों को स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाएगा। हर श्रेणी में बढ़ाई गई स्थानीय ठेकेदारों के काम करने की सीमा। स्थानीय लोगों और स्थानीय उत्पादों पर विशेष जोर दिया गया है।
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कैशलेस इलाज में कर्मचारियों को राहत
राज्य आयुष्मान योजना के तहत धामी सरकार स्वास्थ्य योजना के गोल्डन कार्ड पर बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कर्मचारियों के इलाज में अब समस्या नहीं आएगी। कैबिनेट ने लंबित बिलों के भुगतान के लिए 75 करोड़ रुपये की पहली किस्त का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि स्वास्थ्य विभाग को ऋण के रूप में दी जाएगी।
कैबिनेट के अन्य फैसले
उत्तराखंड मेगा एवं इंडस्ट्रियल नीति 2025 को मिली मंजूरी. अगले पांच सालों के लिए बनाई गई नीति. उद्योगों को चार श्रेणियों में बांटा गया है. उद्योग लगाने के लिहाज से प्रदेश को चार कैटेगरी में बांटा गया है।
उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 में किया गया संशोधन।
उत्तराखंड विष कब्जा और विक्रय नियमावली में किया गया संशोधन. इस नियमावली में मिथाइल अल्कोहल को भी किया गया शामिल।
राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग राजपत्रित नियमावली 2019 में किया गया संशोधन।
उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 2025 बनाए जाने को मंत्रिमंडल दी मंजूरी. उत्तराखंड निबंध लिपिकवर्गीय कर्मचारी सेवा नियमावली 1978 की जगह बनेगी नई नियमावली।
राज्य बाढ़ सुरक्षा का वार्षिक प्रतिवेदन को सदन में रखने पर मिली मंजूरी।
उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के ढांचे के किया गया संशोधन।
