Uttarakhand: ड्रोन टेक्नोलॉजी से आपदा प्रबंधन में क्रांति लाएगा उत्तराखंड: CM धामी
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने काम में तेजी और नए जमाने की सोच के लिए जाने जाते हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) चाहते हैं कि उत्तराखंड (Uttarakhand) हर क्षेत्र में आगे बढ़े, खासकर जब बात आपदा राहत और तकनीक के इस्तेमाल की हो। इसी क्रम में सीएम धामी ने देहरादून छावनी (Dehradun Cantonment) के जसवंत ग्राउंड में आयोजित ‘‘सूर्या ड्रोन टेक 2025’’ कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी (Ddron Pradarshani) का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड को डिफेंस प्रोडक्शन हब (Defence Production Hub) के रूप में स्थापित करने का संकल्प जाहिर करते हुए कहा कि हमारी सरकार युवाओं में टेक्नोलॉजी (Technology) के प्रति रुचि पैदा करने का प्रयास कर रही है।
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भारतीय सेना (Indian Army) की सेंट्रल कमांड व सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के सहयोग से आयोजित सूर्या ड्रोन टेक-2025 का बुधवार को समापन हुआ। टेक के समापन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में ड्रोन तकनीक आपदा राहत कार्यों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसलिए हमारा प्रयास है कि युवा न केवल ड्रोन विशेषज्ञ बनें, बल्कि नागरिक उपयोग के लिए भी टेक्नोलॉजी आधारित समाधान विकसित करें।

आपको बता दें कि उत्तराखंड (Uttarakhand) के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत मैदान में आयोजित टेक में उन्नत ड्रोन प्रणालियों की एक प्रभावशाली श्रृंखला का प्रदर्शन किया गया। इसमें आईएसआर (खुफिया, निगरानी और टोही) ड्रोन, कामिकेज ड्रोन, स्वार्म ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, लॉजिस्टिक्स ड्रोन, एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सिंथेटिक अपर्चर रडार और संचार व इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस के लिए विशेष प्रणालियां शामिल रही। हवाई, जमीनी और भूमिगत संचालन के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और मानव रहित स्वचालित सिस्टम का भी इस दौरान प्रदर्शन किया गया।
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इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी नई औद्योगिक नीतियों में रक्षा उत्पादन और टेक इनोवेशन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस प्रकार के आयोजन न केवल आधुनिक तकनीकी उपलब्धियों के प्रदर्शन के लिए विशिष्ट मंच प्रदान करते हैं, बल्कि हमारे नौजवानों को ड्रोन और तकनीकी के क्षेत्र में इनोवेशन के लिए प्रेरित भी करने का काम करते हैं। यह उत्तराखंड को ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक ठोस कदम है।
एसआईडीएम के प्रधान सलाहकार मेजर जनरल पीके सैनी ने भारत के स्वदेशी ड्रोन इकोसिस्टम को मजबूत करने और राष्ट्रीय रक्षा निर्माण पहलों में राज्य की सहयोगी भूमिका के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां के प्रबंध निदेशक डीएसआर राजू, सेंट्रल कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा, कर्नल मनोज सिंह सिलोट समेत स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, सरकारी एजेंसियों, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने हिस्सा लिया।
