Chhattisgarh News: Chhattisgarh में इन दिनों विकास, सुशासन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब विकसित भारत के उभरते रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार का फोकस गांव, गरीब, किसान, युवाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे।
हर गरीब को पक्का मकान देने पर जोर
सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गरीब परिवारों को पक्का घर देने की दिशा में तेजी से काम शुरू किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
हाल ही में मुख्यमंत्री के प्रयासों से 3 लाख लाभार्थियों के खातों में एक क्लिक के जरिए ₹1200 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई।
इसके साथ ही PMAY-U 2.0 के जरिए शहरी और मध्यम वर्गीय परिवारों को भी राहत दी जा रही है। तकनीकी सुधार और MIS Integration लागू कर योजना को अधिक पारदर्शी बनाया गया है, ताकि बिना देरी और बिचौलियों के लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।
केंद्र सरकार से मिला बड़ा आर्थिक सहयोग
मुख्यमंत्री के “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मॉडल को केंद्र सरकार का भी समर्थन मिला है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता के चलते केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ₹4400 करोड़ की विशेष सहायता मंजूर की है।
वहीं केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्य के लिए करीब ₹52 हजार करोड़ के सहयोग की घोषणा की गई है, जो पिछले साल की तुलना में ₹4500 करोड़ अधिक है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
राज्य में सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी को तेजी से मजबूत किया जा रहा है।
करीब 3153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण चल रहा है। वहीं रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-रांची इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम हो रहा है।
इसके अलावा CRIF योजना के तहत ₹664 करोड़ की लागत से जिला सड़कों को बेहतर बनाया जा रहा है।
गांवों तक पहुंच रही बिजली और इंटरनेट
दूरदराज के इलाकों में सौर ऊर्जा और माइक्रो-ग्रिड के जरिए बिजली पहुंचाई जा रही है। वहीं डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बस्तर जैसे क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड और BSNL नेटवर्क का विस्तार किया गया है।
इससे गांवों में ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और ई-कॉमर्स जैसी सुविधाएं आम लोगों तक पहुंच रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा छत्तीसगढ़ का सम्मान
छत्तीसगढ़ को पंचायत, मनरेगा, स्वास्थ्य और लघु वनोपज जैसे क्षेत्रों में बेहतर काम के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
राज्य को पंचायती राज मंत्रालय की ओर से 12 राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार दिए गए, जिनमें “दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार” भी शामिल है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाया गया है। साथ ही पांच जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।
निवेश और उद्योग को मिल रही नई रफ्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उद्योग-अनुकूल नीतियों और सिंगल विंडो सिस्टम के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
Narendra Modi द्वारा राज्य को ₹34,427 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है।
स्टील और माइनिंग सेक्टर के साथ अब फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी बड़े निवेश आ रहे हैं। इससे युवाओं को रोजगार और कौशल आधारित अवसर मिल रहे हैं।
आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता राज्य
छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज और उद्योगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण विकास, आधुनिक शहरों और युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला राज्य बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित भारत के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
