UP News: उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार की पहल से बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने का काम लगातार जारी है। महिला कल्याण विभाग के प्रयासों से तीन साल से परिवार से दूर रह रहा एक दिव्यांग बालक आखिरकार अपने घर पहुंच गया। वहीं एक मूकबधिर बच्चे को भी उसके परिजनों से मिलाया गया।
यह भावुक मिलन देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
बाल गृह में हो रही थी बच्चों की देखभाल
महिला कल्याण विभाग की निदेशक C. Indumati ने बताया कि बहराइच का रहने वाला बालक कई साल पहले परिवार से बिछड़ गया था। उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी, इसलिए उसे विशेष देखभाल की जरूरत थी।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश पर उसे राजकीय बाल गृह में रखा गया, जहां उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग और देखभाल की जा रही थी।
इसी तरह मोहनलालगंज के 14 वर्षीय मूकबधिर बालक को भी संरक्षण के लिए बाल गृह में रखा गया था।
आधार कार्ड से मिला परिवार का पता
महिला कल्याण विभाग और बाल गृह प्रशासन ने बच्चों के परिवारों तक पहुंचने के लिए लगातार कोशिश की।
बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान जब दिव्यांग बालक की उंगलियों के निशान स्कैन किए गए, तब उसका पुराना आधार कार्ड रिकॉर्ड सामने आया। इसी के जरिए परिवार का पता लगाया गया।
जब बच्चे और उसके परिवार की मोबाइल पर बात कराई गई तो दोनों तरफ भावनात्मक माहौल बन गया। कई साल बाद बेटे की आवाज सुनकर परिवार रो पड़ा।
सुरक्षित आश्रय बन रहे बाल गृह
योगी सरकार के तहत चल रहे बाल गृह अब हजारों जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय बन रहे हैं। यहां बच्चों को:
- रहने और भोजन की सुविधा
- शिक्षा
- स्वास्थ्य सेवाएं
- मानसिक परामर्श
- सुरक्षित और संस्कारयुक्त माहौल
दिया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि विशेष जरूरत वाले बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर खास ध्यान दिया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
