UP News

UP News: चैत्र नवरात्रि पर अयोध्या पहुंचीं राष्ट्रपति, राज्यपाल और सीएम ने किया स्वागत

उत्तरप्रदेश दिल्ली NCR
Spread the love

UP News: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या आगमन एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षण बन गया। इस अवसर पर पूरे शहर में भव्य स्वागत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और श्रद्धा से भरा माहौल देखने को मिला।

एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

राष्ट्रपति के अयोध्या पहुंचते ही आनंदीबेन पटेल और योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। यह स्वागत न केवल औपचारिक था, बल्कि उसमें भारतीय परंपरा और सम्मान की झलक साफ दिखाई दी।

नगर की चाबी’ से सम्मान

अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने राष्ट्रपति को ‘नगर की चाबी’ भेंट कर सम्मानित किया।

यह परंपरा किसी भी विशिष्ट अतिथि को दिया जाने वाला सर्वोच्च प्रतीकात्मक सम्मान माना जाता है, जो शहर की ओर से विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।

राम मंदिर मार्ग पर सांस्कृतिक झलक

एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक राष्ट्रपति के काफिले के मार्ग को खास तौर पर सजाया गया था।

  • करीब 20 सांस्कृतिक मंच बनाए गए
  • लगभग 250 कलाकारों ने प्रस्तुति दी
  • रामायण आधारित नृत्य-नाटक और झांकियां प्रस्तुत की गईं

कलाकारों ने भजन, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य के माध्यम से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

UP News
UP News

हर ओर उत्सव जैसा माहौल

राष्ट्रपति के स्वागत में अयोध्या की सड़कों पर भारी उत्साह देखने को मिला।

  • लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया
  • “जय श्री राम” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा
  • ढोल-नगाड़े, शंखनाद और वेदपाठ ने कार्यक्रम को और भव्य बनाया

राष्ट्रपति ने भी लोगों का अभिवादन कर उनके उत्साह का सम्मान किया।

संस्कृति और आस्था का संगम

इस पूरे आयोजन में भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

रामलीला के दृश्य, लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत ने अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। यह आयोजन न केवल एक सरकारी कार्यक्रम था, बल्कि भारतीय परंपरा और आध्यात्मिकता का उत्सव भी था।

दूसरा ऐतिहासिक दौरा

यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या का दूसरा दौरा है, जो इस पवित्र नगरी के बढ़ते महत्व और विकास को दर्शाता है।

निष्कर्ष

राष्ट्रपति का यह दौरा अयोध्या की सांस्कृतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने वाला रहा।

चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर हुआ यह भव्य स्वागत न केवल आस्था का प्रतीक था, बल्कि यह भारत की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक एकता की झलक भी प्रस्तुत करता है।