UP News: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभ वितरण के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस ऑडिटोरियम, नोएडा में एक विशेष क्षेत्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने देशभर में वितरित की प्रोत्साहन राशि
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इस अवसर पर देशभर के 200 स्थानों पर क्षेत्रीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
300 प्रतिभागियों ने की सहभागिता
नोएडा में आयोजित कार्यक्रम में 250 लाभार्थियों, 50 नियोक्ताओं, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और ईपीएफओ कर्मचारियों सहित लगभग 300 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान 18 नव-नियोजित कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।
युवाओं को मिल रहा रोजगार का अवसर
कार्यक्रम में लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना ने उन्हें रोजगार प्राप्त करने, आर्थिक स्थिरता हासिल करने और करियर को आगे बढ़ाने में मदद की है। योजना के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन से युवाओं को औपचारिक रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने का अवसर मिल रहा है।
क्या है पीएम-वीबीआरवाई योजना?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की रोजगार आधारित प्रोत्साहन योजना है। इसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सहायता प्रदान करना और अधिक रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहन देना है।
योजना के तहत पात्र प्रथम बार नियोजित कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम 15 हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
डॉ. महेश शर्मा ने की योजना की सराहना
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि यह योजना कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए लाभकारी है। उन्होंने इसे “विन-विन सिचुएशन” बताते हुए कहा कि यह पहल युवाओं को औपचारिक कार्यबल से जोड़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
70 लाख नए रोजगार का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं और इतनी ही संख्या में प्रथम बार नियोजित कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य में देश के विश्वास का प्रतीक है।
