Expressway

Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर जाने वाले ये जरूरी खबर पढ़िए

दिल्ली दिल्ली NCR
Spread the love

Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। बरसात के मौसम में एक्सप्रेसवे पर चट्टानें गिरने के खतरे को देखते हुए NHAI ने कुछ हिस्सों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। एक्सप्रेसवे के पास मौजूद खतरनाक चट्टानों को हटाने का काम चल रहा है, जिसके कारण देहरादून से आने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।

देहरादून से आने वाले वाहनों का रूट बदला

NHAI की ओर से देहरादून की तरफ से आने वाले वाहनों को मोहंड के पुराने मार्ग से निकाला जा रहा है। कुछ हिस्सों में एलिवेटेड रोड को बंद किया गया है, जबकि बीच के हिस्से से वाहनों की आवाजाही जारी रखी गई है।

यात्रियों और एलिवेटेड रोड की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वाहन चालकों को प्रभावित क्षेत्र से गुजरते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बरसात में एक्सप्रेसवे पर गिर रही चट्टानें

करीब 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लगभग 12 किलोमीटर का हिस्सा बिंदल नदी और शिवालिक के जंगलों से होकर गुजरता है। बरसात के दौरान इस क्षेत्र में पहाड़ों से बड़ी चट्टानें टूटकर सड़क पर गिरने का खतरा बना रहता है।

ऐसी घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी कारण खतरा बनी चट्टानों को हटाने और सुरक्षित करने का काम शुरू किया गया है।

आधा दर्जन से अधिक चट्टानों पर चल रहा काम

एक्सप्रेसवे के आसपास आधा दर्जन से अधिक खतरनाक चट्टानों की पहचान की गई है। इनमें से कुछ चट्टानों को सुरक्षित किया जा चुका है, जबकि बड़ी चट्टानों से मलबा हटाने का काम जारी है।

काम के दौरान किसी दुर्घटना की आशंका को कम करने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

किन रास्तों से सफर करें यात्री?

देहरादून से आने वाले वाहन चालक मोहंड के पुराने मार्ग का इस्तेमाल करते हुए आगे एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे। वहीं एलिवेटेड रोड से देहरादून जाने वाले यात्रियों को प्रभावित क्षेत्र में सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

यात्रियों को सड़क पर लगाए गए संकेतों और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

दिल्ली से देहरादून का सफर हुआ आसान

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक जाता है। लगभग 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।

एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा के समय को कम करना और यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।

एक्सप्रेसवे पर बना 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव गलियारा

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव गलियारा बनाया गया है। इसके निर्माण का उद्देश्य जंगली जानवरों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है।

एलिवेटेड मार्ग पर वाहन चलते हैं, जबकि इसके नीचे से जंगली जानवर बिना किसी बाधा के जंगल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक आ-जा सकते हैं।

वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह

बरसात के मौसम में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को प्रभावित क्षेत्रों में धीमी गति से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

चट्टानों को हटाने का काम पूरा होने तक यातायात व्यवस्था में बदलाव जारी रह सकता है। यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले ताजा ट्रैफिक अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।