UP News: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और कमाई का नया जरिया बन रही है। प्रतापगढ़ जिले के सांड़वा चंडिका गांव के रहने वाले शिवम सिंह इस योजना का लाभ लेकर सफल डेयरी कारोबारी बन गए हैं।
शिवम की डेयरी में आज 25 गोवंश हैं। यहां रोजाना करीब 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है और इससे उन्हें सालाना 20 लाख रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है।
घायल गाय की सेवा से शुरू हुआ सफर
करीब पांच साल पहले शिवम सिंह के पिता राकेश सिंह को रास्ते में एक घायल देसी गाय मिली थी। वह गाय को अपने घर ले आए और उसकी देखभाल शुरू की।
गाय की सेवा करते-करते पिता और बेटे की रुचि गोपालन में बढ़ने लगी। धीरे-धीरे उन्होंने गायों की संख्या बढ़ाई और आज उनके पास कुल 25 गोवंश हैं। यही गोसेवा आगे चलकर उनके लिए सफल कारोबार का आधार बनी।
यूट्यूब से मिली सरकारी योजना की जानकारी
शिवम को यूट्यूब के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने योजना के लिए आवेदन किया।
चयन होने पर उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण मिला। इस रकम की मदद से उन्होंने आधुनिक डेयरी की शुरुआत की और राजस्थान से साहीवाल एवं गिर नस्ल की 10 अच्छी गायें खरीदीं।
रोजाना हो रहा 110 लीटर दूध का उत्पादन
शिवम की डेयरी में अभी प्रतिदिन लगभग 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे उनकी सालाना आय 20 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है।
शिवम अब अपने डेयरी कारोबार को और बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। भविष्य में उनकी योजना गांव और आसपास के लोगों को रोजगार देने की भी है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ा रहे देसी गायों की नस्ल
शिवम ने अपनी डेयरी में शुरुआत से ही आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसके कारण अच्छी नस्ल की बछियाओं का जन्म हो रहा है। इससे स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने में मदद मिल रही है।
योगी सरकार भी प्रदेश में देसी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा दे रही है। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
ए2 दूध से घी और दूसरे उत्पाद बनाने की तैयारी
शिवम अब शुद्ध ए2 दूध से घी और अन्य दुग्ध उत्पाद बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य इन उत्पादों को बाजार में उतारकर अपनी अलग पहचान बनाना है।
इसके साथ ही वह अच्छी गुणवत्ता वाली देसी गायों की नस्ल को विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं।
ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बने शिवम
शिवम सिंह की सफलता दिखाती है कि सरकारी योजना, आधुनिक तकनीक और मेहनत के जरिए ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर भी सफल कारोबार शुरू कर सकते हैं।
एक घायल देसी गाय की सेवा से शुरू हुआ उनका सफर आज आत्मनिर्भरता, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि का उदाहरण बन गया है। उनकी कहानी प्रदेश के दूसरे युवाओं को भी पशुपालन और डेयरी कारोबार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।
