UP News

UP News: गो संरक्षण से बना आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल, यूपी की देसी गायों की सेना तक बढ़ी मांग

उत्तरप्रदेश
Spread the love

UP News: उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण अब सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक पहल नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत मॉडल बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की प्रेरणा से राज्य में देसी गायों के हाई प्रोटीन दूध और गो उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।

भारतीय सेना तक पहुंच रहे देसी गाय के उत्पाद

राज्य में तैयार हो रहे हाई प्रोटीन दूध और गो उत्पादों की मांग अब भारतीय सेना तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि यह दूध सैनिकों की फिटनेस, ऊर्जा और पोषण जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रहा है।

देसी गाय का दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को मजबूत बनाने में सहायक बताया जा रहा है, जिसके चलते इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

देशभर के बड़े शहरों तक पहुंच

उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे प्रीमियम गो उत्पाद अब ऑनलाइन माध्यम से देश के बड़े शहरों जैसे एनसीआर, चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई तक पहुंच रहे हैं।

इन उत्पादों की बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी हो रही है, जिससे यह एक बड़े बाजार का हिस्सा बन गए हैं।

हाईटेक तकनीक से हो रहा उत्पादन

राज्य में दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग के लिए आइसलैंड और डेनमार्क जैसी आधुनिक डेयरी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे दूध की गुणवत्ता, शुद्धता और पोषण मूल्य को बनाए रखने में मदद मिल रही है।

इस मॉडल को देश में एक नया और आधुनिक प्रयोग माना जा रहा है।

UP News
UP News

गो सेवा से रोजगार के नए अवसर

नोएडा के इंजीनियर एस.एन. द्विवेदी जैसे उद्यमी गो संरक्षण को एक व्यवसाय मॉडल के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। वे पहले से 200 गायों की डेयरी चला रहे हैं और अब अलीगढ़ में 500 गायों की नई गोशाला स्थापित कर रहे हैं।

उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से गो सेवा और गो संरक्षण को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

गो सेवा आयोग के अनुसार, गो संरक्षण आधारित यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। साथ ही किसानों और पशुपालकों की आय में भी वृद्धि हो रही है।

सरकार का दावा है कि यह मॉडल “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनता जा रहा है, जिसमें परंपरा और आधुनिक तकनीक दोनों का संतुलन है।