UP News: माघ मेले के दौरान मकर संक्रांति स्नान के अवसर पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार को एक ही दिन में करीब 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार, दोपहर 4 बजे तक ही 91 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके थे और शाम होते-होते यह संख्या 1.03 करोड़ तक पहुंच गई।
दो दिनों में लगभग 1.85 करोड़ पवित्र स्नान
मकर संक्रांति से जुड़े दो दिनों में कुल मिलाकर लगभग 1.85 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। अनुकूल मौसम और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
आधी रात से शुरू हुआ स्नान, साधु-संतों की रही विशेष उपस्थिति
स्नान का सिलसिला आधी रात से ही शुरू हो गया था। सबसे पहले कल्पवासियों ने स्नान किया, इसके बाद दंडी साधु और आचार्य संप्रदाय के संतों ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। नागा साधु भी अनौपचारिक रूप से स्नान में शामिल हुए।
इस दौरान सनातनी किन्नर अखाड़ा ने तांडव नृत्य करते हुए घाटों तक शोभायात्रा निकाली और देवी बहुचरा माता का विधिवत स्नान कराया।
शंकराचार्य ने की गंगा पूजा
ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पूजा की और इसी अवसर पर अपनी ‘गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा’ की शुरुआत की।
योगी सरकार की व्यवस्थाओं ने बनाया माघ मेला सफल
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में माघ मेला 2025 (महाकुंभ मॉडल) के अनुभवों का उपयोग करते हुए बेहतर व्यवस्थाएं कीं। स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 12,100 फीट की गई, जहां चेंजिंग रूम, स्नान कुंड, कियोस्क और शौचालय बनाए गए।
पार्किंग और यातायात की बेहतर सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए, जिनमें करीब 1 लाख वाहन खड़े किए जा सके। पार्किंग को प्रवेश द्वारों के पास रखा गया, जिससे लोगों को कम पैदल चलना पड़ा।
स्वच्छता पर विशेष ध्यान
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। करीब 25,880 शौचालय, 11,000 डस्टबिन, 10 लाख से ज्यादा लाइनर बैग, 25 सक्शन वाहन और 3,300 सफाईकर्मी तैनात किए गए। गंगा में किसी भी तरह का गंदा पानी न जाए, इसके लिए सभी 81 नालों को टैप किया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले में सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई। 17 पुलिस थाने, 42 पुलिस चौकियां, 20 फायर स्टेशन, 20 वॉच टावर और जल पुलिस तैनात रही। 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों, जिनमें एआई आधारित कैमरे भी शामिल थे, से भीड़ और स्वच्छता पर नजर रखी गई।
आधुनिक सुविधाओं से श्रद्धालु खुश
श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बाइक टैक्सी, गोल्फ कार्ट और शटल सेवाएं चलाई गईं। खोया-पाया केंद्रों की मदद से कई बिछड़े लोग अपने परिवार से मिल पाए। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि भीड़ नियंत्रण और घाटों की व्यवस्था बेहद अच्छी रही।
शांतिपूर्ण माहौल में जारी है माघ मेला
पूरे आयोजन के दौरान कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने शांत और सुरक्षित वातावरण में अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए। माघ मेला आस्था, व्यवस्था और प्रशासनिक कुशलता का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
