UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य के डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी Lucknow स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 ने डेयरी सेक्टर की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में हजारों पशुपालकों, उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लिया और 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
10 हजार से अधिक पशुपालकों की सक्रिय भागीदारी
महोत्सव में प्रदेशभर से करीब 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने हिस्सा लिया।
साथ ही कार्यक्रम का लाइव प्रसारण और वेबकास्टिंग के माध्यम से देश-विदेश के लाखों लोगों को भी जोड़ा गया।
इस दौरान विशेषज्ञों ने:
- आधुनिक डेयरी तकनीक
- स्वदेशी नस्ल के गो पालन
- दूध उत्पादन बढ़ाने के तरीके
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपाय
जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
139 लाभार्थियों के खाते में सीधे पहुंची धनराशि
कार्यक्रम के दौरान पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों और उद्यमियों को सम्मानित किया।
साथ ही वर्ष 2024-25 के नंद बाबा पुरस्कार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 139 लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई।
इस पहल का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है उत्तर प्रदेश
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
राज्य सरकार किसानों को:
- सुनिश्चित बाजार
- पारदर्शी मूल्य
- स्थायी आय
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर डेयरी क्षेत्र को मजबूत बना रही है।
नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से “गौ से ग्राहक तक” की पूरी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण दूध और डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।
25,000 करोड़ से अधिक के समझौते, हजारों रोजगार की संभावना
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र में अब तक:
- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू (MoU) किए जा चुके हैं
- 60,000 से अधिक रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं
- 2,000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाएं शुरू की गई हैं
- 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं
- 13,000 अतिरिक्त रोजगार की संभावना है
इन निवेशों से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रमुख डेयरी कंपनियों ने दिखाए आधुनिक उत्पाद
कार्यक्रम में कई प्रमुख डेयरी कंपनियों ने अपने उत्पाद और तकनीक का प्रदर्शन किया, जिनमें:
- Amul
- Namaste India
- Paras
- Gyan
जैसी कंपनियां शामिल रहीं।
इन कंपनियों ने नए उत्पाद लॉन्च किए और आधुनिक डेयरी तकनीकों के बारे में जानकारी दी, जिससे किसानों और उद्यमियों को नए अवसरों के बारे में समझ मिली। दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 उत्तर प्रदेश के डेयरी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, हजारों पशुपालकों की भागीदारी और नई तकनीकों के उपयोग से राज्य में डेयरी उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक विकास को भी मजबूत बनाएगी।
