UP News: लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपने सरकारी आवास पर झंडा फहराया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश को समष्टि के भाव, एकता और अखंडता से जोड़ने की प्रेरणा देता है।
संविधान ने मजबूत किया ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1950 में लागू हुआ संविधान अनेक उतार-चढ़ावों के बीच देश का मार्गदर्शक बना है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत की एकता और नागरिकों के गौरव को आगे बढ़ाने में संविधान की बड़ी भूमिका रही है।
राष्ट्रनायकों को किया नमन
सीएम योगी ने महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों के त्याग से ही स्वतंत्र भारत का निर्माण संभव हुआ।

हर परिस्थिति में देश का संबल बना संविधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकार किया गया और आज हर नागरिक का दायित्व है कि वह संविधान के प्रति श्रद्धा और समर्पण रखे। “हम भारत के लोग” की भावना हर नागरिक को जिम्मेदार बनाती है।
संस्थाओं की जवाबदेही जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि नागरिकों के प्रति हर संस्था, मंत्रालय और विभाग को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। यही संविधान के प्रति सच्चा सम्मान है।
न्याय, समता और बंधुता पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के तीन मूल शब्द—न्याय, समता और बंधुता—देश को मजबूत बनाते हैं। बिना भेदभाव न्याय मिले, समाज में समानता और भाईचारे का भाव बढ़े, तभी विकसित भारत का लक्ष्य पूरा होगा।
‘राष्ट्र प्रथम’ से आगे बढ़ेंगे देश के संकल्प
सीएम योगी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव संविधान का मूल संदेश है। इसी भावना से आगे बढ़कर हर नागरिक की खुशहाली और समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। विकसित भारत केवल आर्थिक उन्नति नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुंचाने का संकल्प है।
