Noida News: नोएडा के इस सोसाइटी में रहने वाले लोगों की जान खतरे में है।
Noida News: नोएडा के इस सोसाइटी में रहने वाले लोगों की जान खतरे में है। स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट (Structural Audit Report) में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सोसाइटी का बेसमेंट (Basement) पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, बेसमेंट के कई पिलर (Pillar) इतने कमजोर हो चुके हैं कि उनकी भार सहने की क्षमता मात्र 15 प्रतिशत तक रह गई है। यानी 85 प्रतिशत तक पिलर डैमेज हो चुके हैं। इतना ही नहीं, बिल्डिंग में जरूरी एक्सपेंशन जॉइंट (Expansion Joint) भी नहीं बनाए गए हैं, जिससे सीलन और दरारें बढ़ती गईं। पढ़िए पूरी खबर…

आपको बता दें कि यह मामला नोएडा के सेक्टर-119 स्थित गौर ग्रैंड्योर सोसाइटी (Gaur Grandeur Society) का है। सोसाइटी की एओए ने बिल्डर को नोटिस जारी कर दिया है और मरम्मत का कार्य भी शुरू करवा दिया गया है। एओए के सचिव आशुतोष राय ने कहा कि सोसाइटी में 2010 से लोग रह रहे हैं। कुल 12 टावर और 1022 फ्लैट वाली इस सोसाइटी के बेसमेंट में लंबे समय से पानी टपकने और सीलन की समस्या बनी हुई थी। सीलन की वजह से पिलरों से प्लास्टर गिरने लगा था और सरिया तक बाहर निकलने लगे थे।
ये भी पढ़ेंः Noida News: नोएडा में स्ट्रीट डॉग का कहर, इस सोसायटी में 4 लॉगों को काटा
रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपेंशन जॉइंट (Expansion Joint) न होने या गलत तरीके से बनाए जाने के कारण ही यह समस्या उत्पन्न हुई। कंक्रीट के तापमान में बदलाव के साथ उसके फैलने और सिकुड़ने की प्रक्रिया होती है, जिसे एक्सपेंशन जॉइंट संतुलित करते हैं। इनका न होना बिल्डिंग की संरचना पर विपरीत असर डालता है। गौड़ ग्रैंड्योर में भी यही हुआ और नतीजा यह निकला कि पिलर कमजोर होते चले गए।
मुख्यमंत्री को भी भेजा गया था पत्र
जब सोसाइटी की हालत बिगड़ने लगी तो एओए ने सबसे पहले बिल्डर से मदद मांगी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण, रेरा और सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया। नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर को पत्र भी भेजा, लेकिन वह भी बेअसर रहा। अंत में एओए ने निजी कंपनी से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया, जिसमें बिल्डिंग की गंभीर स्थिति का पता चला।
पिलरों की मरम्मत शुरू, कई पूरी तरह क्षतिग्रस्त
सोसाइटी के स्टेट मैनेजर शिवम के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट (Audit Report) आने के बाद से बेसमेंट में पिलरों की मरम्मत शुरू हो चुकी है। कई पिलर पूरी तरह से जर्जर हो चुके थे, जिन्हें दोबारा बनाया जा रहा है। कुछ स्थानों पर अभी भी कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ये मरम्मत नहीं होती, तो पूरे टावरों को खतरा हो सकता था और सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
ये भी पढ़ेंः Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अथॉरिटी का प्लॉट खरीदने का गोल्डन मौका
बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग
एओए सचिव आशुतोष राय (Ashutosh Rai) ने कहा कि मरम्मत के लिए जब बिल्डर से नक्शे की कॉपी मांगी गई तो पता चला कि नक्शे में तो एक्सपेंशन जॉइंट दिखाए गए थे, लेकिन वास्तविकता में वे बने ही नहीं थे। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जा सके।
