Jharkhand

Jharkhand में पर्यटन नीति को मिलेगी नई उड़ान, लातेहार में बनेगी टाइगर सफारी

झारखंड राजनीति
Spread the love

गिरिडीह और दुमका में बनेगा चिड़ियाघर, साहिबगंज में डॉल्फिन सेंचुरी को मंजूरी

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) की अध्यक्षता में हुई झारखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 15वीं बैठक में लातेहार के बेतला में टाइगर सफारी, गिरिडीह और दुमका में चिड़ियाघर, और साहिबगंज में डॉल्फिन सेंचुरी (Dolphin Century) के निर्माण को मंजूरी दी गई। सीएम सोरेन ने संबंधित विभागों को इन परियोजनाओं को पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ लागू करने का निर्देश दिए।

Pic Social Media

बेतला में 250 करोड़ की टाइगर सफारी

लातेहार (Latehar) जिले के पुतवागढ़ पीएफ क्षेत्र में 150 हेक्टेयर भूमि पर टाइगर सफारी का निर्माण होगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 250 करोड़ रुपये है। पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार (Minister Sudivya Kumar) ने कहा कि यह परियोजना राजगीर मॉडल पर आधारित होगी और इसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस पहल से झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान मिलेगी, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।

ये भी पढ़ेंः Jharkhand सरकार हर साल 300 आदिवासी छात्रों को बनाएगी डॉक्टर और इंजीनियर!

गिरिडीह और दुमका में चिड़ियाघर

बैठक में गिरिडीह और दुमका में चिड़ियाघर (Zoo) निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। दुमका के हिजला पश्चिमी वन क्षेत्र में 116.35 हेक्टेयर और गिरिडीह जिले के विभिन्न मौजा में 396.22 हेक्टेयर भूमि पर चिड़ियाघर बनाए जाएंगे। ये परियोजनाएं राज्य में वन्यजीव पर्यटन को नई दिशा देंगी।

Pic Social Media

साहिबगंज में डॉल्फिन सेंचुरी

साहिबगंज में गंगा नदी के 10 किमी क्षेत्र और उसके आसपास डॉल्फिन सेंचुरी (Dolphin Century) के निर्माण को भी मंजूरी मिली। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार, साहिबगंज में गंगा नदी में वर्तमान में लगभग 256 डॉल्फिन मौजूद हैं। इस सेंचुरी के लिए वन विभाग जल्द अधिसूचना जारी करेगा।

ये भी पढ़ेंः Jharkhand: रक्षा बंधन से पहले महिलाओं को बड़ी सौगात, खातों में आने लगे 2500 रुपये

पर्यटन मंत्री ने सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) का आभार जताते हुए कहा कि ये परियोजनाएं झारखंड की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेंगी और वन्यजीव पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगी।