Delhi सरकार ने राजधानी में सरकारी अवकाश की घोषणा की है।
Delhi News: दिल्ली सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती (Maharishi Valmiki Jayanti) के अवसर पर राजधानी में सरकारी अवकाश (Government Holidays) की घोषणा की है। इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। सीएम रेखा गुप्ता ने इस पर्व को भारतीय संस्कृति और नैतिकता का प्रतीक बताते हुए लोगों से महर्षि वाल्मीकि के योगदान को याद करने की अपील की है। यह अवकाश नागरिकों को आदिकवि के जीवन और शिक्षाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

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स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद
7 अक्टूबर को दिल्ली (Delhi) के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, जिससे छात्रों को इस दिन छुट्टी मिलेगी। इसके साथ ही, सरकारी दफ्तरों में भी कोई कार्य नहीं होगा। यह अवकाश शिक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों को प्रभावित करेगा, लेकिन साथ ही यह लोगों को महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनके योगदान को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा।
महर्षि वाल्मीकि जयंती का महत्व
महर्षि वाल्मीकि को भारतीय साहित्य में आदिकवि के रूप में जाना जाता है। उनकी रचित रामायण ने न केवल साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि जीवन में सत्य, धैर्य और नैतिकता जैसे मूल्यों को भी स्थापित किया। वाल्मीकि जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन को मनाकर लोग उनके योगदान को याद करते हैं और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा लेते हैं।
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दिल्ली में सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारी
दिल्ली सरकार ने 7 अक्टूबर को राजधानी में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दिन जगह-जगह शोभायात्राएं, श्रद्धांजलि सभाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सीएम रेखा गुप्ता स्वयं इन आयोजनों में शामिल होकर महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देंगी। ये कार्यक्रम लोगों को भारतीय संस्कृति और साहित्य के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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सीएम रेखा गुप्ता का संदेश
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि वाल्मीकि जयंती हमारे लिए संस्कृति, शिक्षा और नैतिकता का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दिन को उत्साह के साथ मनाएं और महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पर्व हमें मानवता और नैतिक मूल्यों की ओर प्रेरित करता है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं।

