Ravisrinivasan Sai Kishore

Ravisrinivasan Sai Kishore Biography in Hindi

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Ravisrinivasan Sai Kishore Biography in Hindi: क्रिकेट के सबसे बड़े मंच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने अब तक कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है। कई खिलाड़ी (Player) इस मंच से भारतीय टीम तक पहुंचे हैं। IPL 2021 में भी कई युवा खुद को साबित करने को तैयार हैं। उन्हीं में एक नाम चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के बाएं हाथ के स्पिनर आर. साई किशोर (R. Sai Kishore) का है।
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नेट गेंदबाज के रूप में भारतीय टीम से जुड़ने वाले साई किशोर (Sai Kishore) ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है। पढ़ाई में होनहार होने के बावजूद उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज छोड़कर क्रिकेट को करियर के रूप में चुना। निराशा और असफलताओं के बाद भी वह डटे रहे और अब आईपीएल में डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं।

परिवार और शुरुआती जीवन

रविश्रीनिवासन साई किशोर (Ravisrinivasan Sai Kishore) का जन्म 6 नवंबर 1996 को तमिलनाडु के मडिपक्कम में हुआ। उनके पिता रविश्रीनिवासन और मां राजलक्ष्मी हैं। उनका एक भाई साई प्रसाद और बहन लक्षिका श्री हैं। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका रुझान था, और यही शौक उन्हें इस मुकाम तक ले आया।

इंजीनियरिंग कॉलेज छोड़ा, क्रिकेट चुना

साई किशोर (Sai Kishore) ने चेन्नई के माडीपक्कम में शुरुआती पढ़ाई व्यास विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल से की। वह पढ़ाई में तेज थे और पहले साइंटिस्ट बनने का सपना देखते थे। लेकिन 10 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट कोचिंग शुरू की। पढ़ाई के साथ क्रिकेट की बारीकियां सीखते हुए वे जिला स्तर तक पहुंचे।

हालांकि उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन कुछ ही महीनों में पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि उनका मन क्रिकेट में ही था। इसके बाद उन्होंने चेन्नई के विवेकानंद कॉलेज से BCA और फिर MBA की पढ़ाई की।

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन

साई किशोर (Sai Kishore) ने 2016-17 में विजय हजारे ट्रॉफी में त्रिपुरा के खिलाफ लिस्ट-A क्रिकेट में डेब्यू किया। 2016 में उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में खेलने का मौका मिला, जहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 विकेट झटके।

2017 में उन्होंने TNPL में 17 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने। इसके बाद रणजी ट्रॉफी 2017-18 में फर्स्ट क्लास डेब्यू और 2018 में T20 डेब्यू किया।

हालांकि शुरुआती घरेलू सीजन में वे कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन 2018-19 रणजी ट्रॉफी में 6 मैचों में 22 विकेट लेकर तमिलनाडु के सबसे सफल गेंदबाज बने।

IPL में दो बार नहीं बिके, फिर भी नहीं मानी हार

साई किशोर (Sai Kishore) को IPL 2018 और 2019 की नीलामी में किसी टीम ने नहीं खरीदा। उन्होंने मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के ट्रायल में हिस्सा लिया, लेकिन चयन नहीं हो सका। वह चेन्नई सुपरकिंग्स से बतौर नेट गेंदबाज जुड़े, लेकिन तब भी खेलने का मौका नहीं मिला।

CSK के कैंप में जब साई किशोर नेट बॉलर के रूप में आए, तो महेंद्र सिंह धोनी ने उनकी गेंदबाजी पर लगातार छक्के जड़े। इससे वह निराश हो गए थे। लेकिन उस वक्त हरभजन सिंह ने उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें डटे रहने की सलाह दी।

साई किशोर (Sai Kishore) के मुताबिक, “पहले दो दिन बॉलिंग अच्छी रही, लेकिन तीसरे दिन मेरी खूब धुनाई हुई। मैंने लाइन-लेंथ बदली, लेकिन धोनी ने छक्के लगाना नहीं छोड़ा। तब भज्जी पाजी ने कहा कि रन खाने के बाद डिफेंसिव नहीं होना चाहिए।”

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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मचाया धमाल

2020 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में साई किशोर (Sai Kishore) ने दमदार वापसी की। उन्होंने 12 मैचों में 24 विकेट लिए और इकॉनमी 5 से भी कम रही। इस दौरान उन्होंने 6 रन देकर 4 विकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

कप्तान दिनेश कार्तिक ने उन्हें पॉवरप्ले में गेंदबाजी सौंपी, जहां उन्होंने दबाव झेलते हुए कमाल किया। यही वजह रही कि तमिलनाडु की टीम ने चार बार विपक्षी टीम को 100 रन से कम स्कोर पर रोक दिया।

IPL में मिला कॉन्ट्रैक्ट, डेब्यू का इंतजार जारी

उनके इस प्रदर्शन का फल मिला और IPL 2020 की नीलामी में CSK ने उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा। हालांकि, उस सीजन उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। IPL 2021 में भी पहले और दूसरे चरण में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया।

बावजूद इसके, साई किशोर (Sai Kishore) को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ बतौर नेट गेंदबाज शामिल किया गया, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही।

साई किशोर के आंकड़े कुछ यूं हैं-

फर्स्ट क्लास क्रिकेट: 17 मैच, 48 विकेट (3 बार 5 विकेट)

लिस्ट-A क्रिकेट: 25 मैच, 45 विकेट

T20 क्रिकेट: 30 मैच, 33 विकेट

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2020: 12 मैच, 24 विकेट, इकॉनमी < 5

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क्या मिलेगा अब बड़ा मौका?

भले ही साई किशोर (Sai Kishore) को अभी तक IPL में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला हो, लेकिन उन्होंने खुद को साबित किया है। CSK की टीम में शामिल होना और भारतीय टीम से जुड़ना उनके लिए किसी सपने के पूरे होने जैसा है। अब देखना यह होगा कि क्या उन्हें प्लेइंग इलेवन में जल्द मौका मिलेगा?