एक मॉड्यूल दोषी सैवनबीर द्वारा और दूसरा मॉड्यूल रणजीत उर्फ चीता की महिला सहयोगी द्वारा चलाया जा रहा था: डीजीपी गौरव यादव
सरहद पार ड्रोन के द्वारा खेप प्राप्त कर रहा था गिरफ़्तार किया दोषी: सीपी अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर
Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर शुरू की गई नशों विरोधी मुहिम के दौरान अमृतसर कमिशनरेट पुलिस ने दो अंतरराष्ट्रीय नार्काे-तस्करी कारटैलों का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक महिला समेत छह नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनके पास से 4 किलो हेरोइन बरामद की गई है। यह जानकारी डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने गुरूवार यहाँ दी।
ये भी पढ़ें: Punjab: JEE एडवांस्ड 2025 में पास छात्रों का CM भगवंत मान ने बढ़ाया हौसला

गिरफ़्तार किये गए व्यक्तियों की पहचान अमृतसर के गाँव गुरु की वडाली के विशाल सिंह (23), अमृतसर के गाँव जठौल के दीदार सिंह उर्फ काली (50), तरनतारन के गाँव बुर्ज सराए अमानत ख़ान के सैवनबीर सिंह (25), अमृतसर के बाबा दीप सिंह कॉलोनी के हरजीत सिंह (38) उर्फ जिता, अमृतसर के मोहल्ला चेतूआं के जज्ज सिंह (19) और अमृतसर के कपटगढ़ की जसबीर कौर (60) के तौर पर हुई है। पुलिस टीमों ने हेरोइन बरामद करने के इलावा उक्त मुलजिमों की टोयटा इनोवा कार को भी ज़ब्त किया है, जिसका प्रयोग वह नशों की खेप पहुँचाने के लिए कर रहे थे।
डीजीपी गौरव यादव ने पहले मॉड्यूल के बारे जानकारी देते हुये बताया कि इसको मुलजिम सैवनबीर द्वारा चलाया जा रहा था, जो पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ सीधे संपर्क में था। वह पशु व्यापार की आड़ में हेरोइन की खेपें प्राप्त रहा था।
डीजीपी ने कहा कि गिरफ़्तार की एक अन्य मुलजिम जसबीर कौर, कथित तस्कर रणजीत उर्फ चीता के गिरोह के साथ जुड़ी हुई है और भारत और सरहद पार के तस्करों के संपर्क में थी। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में अगले – पिछले सम्बन्ध स्थापित करने के लिए और जांच जारी है।
पुलिस कमिशनर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया को संबोधन करते हुये कहा कि डीसीपी सिटी जगजीत सिंह वालिया, एडीसीपी- 2 हरपाल सिंह, एसीपी पश्चिमी शिवदर्शन सिंह की निगरानी और एसएचओ थाना, छेहरटा विनोद शर्मा के नेतृत्व में एक ख़ुफ़िया आपरेशन के अंतर्गत नशा तस्करी के इन दोनों मॉड्यूलों का पर्दाफाश किया गया। सीपी ने कहा कि गिरफ़्तार मुलजिम सैवनबीर सिंह पिछले पाँच सालों से बकरियों की खरीद/ फरोख्त वाले धंधे की आड़ में गिरोह चला रहा था, जिससे उसने अन्य जायदाद के इलावा अपने गाँव में एक बड़ी कोठी बना ली है।
ये भी पढ़ें: Punjab सरकार की किसानों के लिए बड़ी पहल, मक्का की खेती पर मिलेगा प्रोत्साहन राशि
मुलजिम अपने गाँव के नज़दीक ड्रोन के द्वारा नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करता था, जो अंतरराष्ट्रीय सरहद के बहुत नज़दीक है। उन्होंने कहा कि बरामदगी के बाद वह अपने रिश्तेदारों के घर नशीले पदार्थों को छिपा देता था और बाद में अपने साथियों की मदद के द्वारा आगे बाँटता था। उन्होंने कहा कि दोनों मॉड्यूलों का पर्दाफाश करने के लिए और जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ़्तारियाँ और बरामदगियां होने की संभावना है।
इस सम्बन्ध में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और 27-ए के अंतर्गत एफआईआर नंबर 104 तारीख़ 02- 06- 2025 और एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और 29 के अंतर्गत एफआईआर नंबर 106 तारीख़ 04- 06- 2025 को अमृतसर के पुलिस स्टेशन छेहरटा में दो अलग-अलग केस दर्ज किये गए हैं।
