Punjab में जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं CM Mann
Punjab: पंजाब जहां से भारत में हरित क्रांति की शुरुआत हुई थी, पंजाब जहां से भारत में सबसे ज्यादा अन्न पैदा होता है, पंजाब जहां सबसे ज्यादा किसान रहते हैं। पंजाब (Punjab) जहां कि मिट्टी में क्रांति से लेकर सब कुछ हैं। लेकिन पिछले एक दशक से किसानों को वो सुविधाएं नहीं पा रही थी जिसके कि वो हकदार थे। किसान आधुनिक तकनीक (Modern Technology) का इस्तेमाल किए बिना खेती कर रहे थे, जिससे लागत ज्यादा और मुनाफा बहुत कम हो रहा था। किसानों की समस्या को सरकार भी नहीं सुन रही थी। लेकिन साल 2022 में जब विधानसभा का चुनाव हुआ और सत्ता आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के हाथों में आई तो सीएम बनें भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann)। मुख्यमंत्री बनते ही भगवंत सिंह मान ने किसानों की समस्या को अपनी प्राथमिकता में न सिर्फ शामिल किए बल्कि किसानों की भलाई के लिए काम भी शुरू किए।
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सीएम भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) पंजाब की पारंपरिक कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम कर रहे हैं। लेकिन यह सफलता अपने साथ कई चुनौतियां भी लाई, जैसे मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट, जल स्रोतों का अंधाधुंध दोहन और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं। इन चुनौतियों का भी समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जैविक खेती को बढ़ावा दिए। मान सरकार की नीतियां और प्रयास इस दिशा में पंजाब को न केवल एक
जैविक खेती को बढ़ावा
पंजाब में परंपरागत खेती (Traditional Farming) का मॉडल, जो मुख्य रूप से गेहूं और चावल पर आधारित है, इसके लिए पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है। पंजाब में इन दिनों तेजी से भूजल स्तर नीचे जा रहे है। इसके अलावा, कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा उपयोग से मिट्टी की उर्वरता कम हो गई है और पर्यावरण प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। किसानों की आय में गिरावट और कृषि लागत में वृद्धि ने उन्हें कर्ज के जाल में धकेल दिया है। ऐसे में जैविक खेती एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरी है, जो पर्यावरण और किसान दोनों के लिए लाभकारी है। इसलिए मान सरकार राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।

जैविक खेती के लिए जागरूकता अभियान चला रही है मान सरकार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जैविक खेती (Organic Farming) को पंजाब के किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान शुरू किए। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में जानकारी दी और जैविक विधियों को अपनाने के फायदे बता रहे हैं। मान सरकार के इन अभियानों के जरिए किसानों को यह समझाया गया कि जैविक खेती न केवल उनकी लागत को कम करती है, बल्कि उन्हें लाभ भी पहुंचाती है और बेहतर बाजार भी उपलब्ध कराती है।
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जैविक उत्पादों के लिए बाजार का विकास
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने जैविक उत्पादों के लिए एक संगठित बाजार स्थापित करने का निर्णय लिया है। मान सरकार किसानों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उनके उत्पादों को सही मूल्य मिलेगा, इसके लिए जैविक उत्पादों के लिए विशेष मंडियां स्थापित की हैं। इन मंडियों में जैविक उत्पादों को प्रीमियम मूल्य पर बेचा जाता है, जिससे किसानों की आय में सुधार हो रहा है और उन्हें अच्छा मुनाफा भी हो रहा है। इसके साथ ही पंजाब में जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को भगवंत मान सरकार द्वारा सब्सिडी और अन्य प्रकार के प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। जैविक खाद, बीज, और कीटनाशक तैयार करने के लिए किसानों को तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जैविक खेती के लिए आवश्यक उपकरणों पर भी सब्सिडी दी जा रही है।

जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता
मान सरकार ने किसानों को जैविक खेती (Organic Farming) की तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए हैं। कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से किसानों को जैविक खाद, जैव कीटनाशक और समग्र खेती पद्धतियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही साथ पंजाब की भगवंत मान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि सलाहकार केंद्र स्थापित किए हैं, जहां किसान अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

जल और मिट्टी संरक्षण पर मान सरकार का विशेष ध्यान
आपको बता दें कि एक तरफ पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार घटने भूजल स्तर को लेकर चितिंत है तो वहीं मिट्टी संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को जलवायु-अनुकूल फसल चक्र अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसके साथ ही, जैविक खेती के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए हरी खाद, मल्चिंग, और जैव उर्वरकों का उपयोग करने पर बल दिया गया है। इसके साथ ही मान सरकार ने राज्य के जैविक उत्पादों को एक ब्रांड के तहत प्रमोट करना शुरू किया है। इस पहल के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के जैविक उत्पादों को पहचान मिल रही है। इससे राज्य के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और मूल्य प्राप्त हो रहा है।

रासायनिक खेती से जैविक खेती की ओर बढ़ रहे किसान
मान सरकार की नीतियों के कारण राज्य में जैविक खेती का क्षेत्रफल तेजी से बढ़ रहा है। अब हजारों किसान रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती की ओर रुख कर रहे हैं। जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता में सुधार हो रहा है। मिट्टी की संरचना और जल धारण क्षमता में वृद्धि ने फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने में मदद की है।

जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग और उनके लिए प्रीमियम मूल्य मिलने से किसानों की आय में सुधार हुआ है। जैविक खेती के कारण रसायनों का उपयोग कम हुआ है, जिससे जल स्रोतों और वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। साथ ही, स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की उपलब्धता से उपभोक्ताओं को भी लाभ हुआ है।

हालांकि भगवंत मान सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन इसे मुख्यधारा में लाना अभी भी चुनौतीपूर्ण है। किसानों को इस बात का डर है कि जैविक खेती से उत्पादकता में कमी आ सकती है। इस समस्या को हल करने के लिए भगवंत सिंह मान सरकार लगातार जागरुकता अभियान चला रही है। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों के साथ साझेदारी करके उच्च उत्पादकता वाले जैविक फसल मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिससे फसलों के उत्पादन में कोई भी असर न पड़े। हालांकि जैविक खेती में शुरुआती लागत रासायनिक खेती की तुलना में ज्यादा होती है, जिसे कम करने के लिए सरकार ने सब्सिडी योजनाओं को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जैविक खेती को बढ़ावा देकर राज्य के कृषि मॉडल में एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किए हैं। सीएम मान की दूरदर्शी नीतियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि किसानों के जीवन में भी सुधार कर रही हैं। पंजाब की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है। भगवंत मान का यह प्रयास न केवल हरित पंजाब, बल्कि समृद्ध और सतत विकासशील भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

