Punjab News: Bhagwant Mann सरकार ने पंजाब के सहकारी डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार वेरका लुधियाना डेयरी को पूर्ण रूप से ऑटोमेटेड बनाने की तैयारी कर रही है, जिससे उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।
सरकार का उद्देश्य मैनुअल संचालन से मशीन-आधारित और एआई-समर्थित प्रणाली की ओर बढ़ना है, ताकि डेयरी सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सके।
अधिकारियों ने किया डेयरी का दौरा, आधुनिकीकरण परियोजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सचिव (सहकारिता) अजीत बालाजी जोशी और मिल्कफेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल गुप्ता ने अधिकारियों की टीम के साथ वेरका लुधियाना डेयरी का दौरा किया।
इस दौरान अधिकारियों ने डेयरी के मौजूदा उत्पादन, फिलिंग और पैकेजिंग सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की और आधुनिकीकरण की जरूरतों का आकलन किया।
निरीक्षण में पाया गया कि होल मिल्क पाउडर की फिलिंग और पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल हो रहा ढांचा काफी पुराना हो चुका है और आधुनिक ऑटोमेटेड डेयरी मानकों के अनुरूप नहीं है।
अन्य राज्यों की डेयरी संस्थाओं की तर्ज पर होगा आधुनिकीकरण
अधिकारियों ने सुझाव दिया कि पंजाब मिल्कफेड को भी अन्य सफल सहकारी डेयरी संस्थाओं की तरह आधुनिक तकनीक अपनानी चाहिए।
इस संदर्भ में निम्न संस्थाओं के मॉडल का अध्ययन किया जाएगा:
- Karnataka Milk Federation (नंदिनी)
- Warana Cooperative Milk Producers Federation Limited
इन संस्थाओं में अपनाई गई एंड-टू-एंड ऑटोमेशन प्रणाली का अध्ययन कर वेरका डेयरी में लागू किया जाएगा।
तीन महीनों में शुरू होगा एंड-टू-एंड ऑटोमेशन
सचिव (सहकारिता) ने बताया कि तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर अगले तीन महीनों के भीतर वेरका लुधियाना डेयरी में होल मिल्क पाउडर की फिलिंग और पैकिंग प्रक्रिया का पूर्ण ऑटोमेशन शुरू किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जैसे:
- सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
- क्यूआर-आधारित डायनामिक सीलिंग सिस्टम
- आरएफआईडी (RFID) तकनीक
- आईआरआईएस और एआई आधारित मॉनिटरिंग
इन तकनीकों से उत्पादन की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा में सुधार होगा।
अन्य डेयरी और कैटल फीड प्लांट का भी निरीक्षण
दौरे के दौरान अधिकारियों ने वेरका मोगा डेयरी, बस्सी पठाना और खन्ना स्थित कैटल फीड प्लांट का भी निरीक्षण किया।
इसका उद्देश्य पूरे डेयरी नेटवर्क को आधुनिक बनाना और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
