Punjab News: युद्ध नशों विरुद्ध: पंजाब के 200 कॉलेजों के शिक्षकों को मिला विशेष प्रशिक्षण

पंजाब
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Punjab News: पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों को नशे के खिलाफ जागरूक करने और सक्षम बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य कॉलेज परिसरों को नशामुक्त बनाना और युवाओं को सही दिशा देना है।

200 कॉलेजों के शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण

अभियान के दूसरे चरण में पंजाब के लगभग 200 कॉलेजों के नोडल प्रोफेसरों ने एक दिवसीय क्षमता-वर्धन और संवेदनशीलता कार्यशालाओं में भाग लिया। ये कार्यशालाएं 20 जनवरी से 30 जनवरी के बीच चार जिलों में आयोजित की गईं।
कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, पंजाब द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. बी.आर. आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIMS), मोहाली का तकनीकी सहयोग रहा।

चार जिलों में आयोजित हुई कार्यशालाएं

ये कार्यशालाएं

  • सतिश चंद्र धवन गवर्नमेंट कॉलेज, लुधियाना
  • मोहनिंद्रा कॉलेज, पटियाला
  • राजिंद्रा कॉलेज, बठिंडा
  • जालंधर कॉलेज ऑफ एजुकेशन

में आयोजित की गईं।
पटियाला के मोहनिंद्रा कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति ने सरकार की गंभीरता को दर्शाया।

युवाओं में नशे की समस्या पर खुली चर्चा

कार्यशालाओं के दौरान क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शिक्षकों के साथ संवाद किया। इसमें युवाओं में नशे की लत, मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-नुकसान के जोखिम और शुरुआती पहचान जैसे विषयों पर चर्चा हुई। शिक्षकों को यह बताया गया कि छात्रों से सहानुभूति के साथ कैसे बात करें और उन्हें सही समय पर उचित सहायता कैसे उपलब्ध कराई जाए।

पुराने अनुभवों से लिया गया सीख

दिसंबर में मोहाली के एसएमएचएस गवर्नमेंट कॉलेज में हुए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण से मिले अनुभवों को भी इन सत्रों में दोहराया गया। शिक्षकों और विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और व्यवहारिक समाधान सुझाए।

पैदल मार्च से भी फैलाया जा रहा जागरूकता संदेश

पिछले एक सप्ताह से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों और गांवों में जागरूकता पैदल मार्च भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन मार्चों में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैं और आम जनता की भागीदारी उत्साहजनक रही है।

नशामुक्त पंजाब की दिशा में मजबूत कदम

‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण में सरकार कई स्तरों पर प्रयास कर रही है। कॉलेज स्तर पर इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने, नशे की मांग कम करने और रोकथाम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।