Punjab News: चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नशे के मुद्दे पर भाजपा और हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम अब रंग ला रही है और सख्त कार्रवाई के कारण नशा तस्कर राज्य छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
पंजाब में सख्त कार्रवाई का दावा
चीमा ने कहा कि 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया। इसके तहत एक विशेष सब-कमेटी बनाई गई, जिलों में कोऑर्डिनेशन मीटिंग की गईं और पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि हाल ही में गांव सुरक्षा कमेटियों के 1.5 लाख से अधिक सदस्यों ने नशा विरोधी मुहिम का समर्थन करने की शपथ ली। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन बन चुका है।
हरियाणा पर गंभीर सवाल
हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे पंजाब में नशे पर शिकंजा कस रहा है, तस्कर हरियाणा की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बार-बार पंजाब दौरे पर भी उन्होंने सवाल उठाया। चीमा ने पूछा कि आखिर सैनी बार-बार पंजाब क्यों आ रहे हैं? क्या यह किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है?
सुनील संधू का मामला
चीमा ने हरियाणा पुलिस अधिकारी सुनील संधू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उनकी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इसके बाद उन पर विभागीय कार्रवाई होने की खबरें सामने आईं। चीमा ने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि हरियाणा सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
गुजरात में बड़ी बरामदगी का जिक्र
चीमा ने भाजपा शासित गुजरात में 3,000 किलो हेरोइन की बरामदगी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स का मिलना अपने आप में गंभीर मामला है और यह दर्शाता है कि नेटवर्क कितना मजबूत है।
अकाली-भाजपा शासन पर निशाना
चीमा ने 2007 से 2017 के अकाली-भाजपा शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पंजाब में नशा तेजी से फैला था। उन्होंने दावा किया कि लोगों ने उसी अनुभव के कारण भाजपा और अकाली दल को सत्ता से बाहर किया।
अंत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार नशा माफिया को दोबारा मजबूत नहीं होने देगी। ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम जारी रहेगी और राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
