Punjab News: चंडीगढ़ से मिली रिपोर्ट के अनुसार डॉ. बलजीत कौर, जो पंजाब सरकार में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं, ने बताया कि जनवरी 2026 तक पंजाब सरकार ने ₹5,748 करोड़ से अधिक की धनराशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा दी है। इससे राज्य के लगभग 35.70 लाख लोगों को नियमित और निरंतर आर्थिक सहायता मिल रही है।
इस सहायता से बुज़ुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो रही है और उन्हें सम्मान के साथ जीने का अवसर मिल रहा है।
बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिली मदद
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि कई हिस्सों में वितरित की गई है। इनमें:
- बुज़ुर्गों को बुढ़ापा पेंशन के रूप में ₹3,806.43 करोड़,
- विधवा महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को ₹1,099.97 करोड़,
- अनाथ और आश्रित बच्चों को ₹385.94 करोड़,
- और दिव्यांग व्यक्तियों को ₹456.03 करोड़ की सहायता जारी की जा चुकी है।
मंत्री ने कहा कि यह वित्तीय मदद केवल पैसे देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर और सम्मान से जीने का विश्वास भी देती है।
सरकार का लक्ष्य – हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाना
डॉ. कौर ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद अपने आप को अकेला महसूस न करे। इसी उद्देश्य से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए इस वित्तीय वर्ष में ₹6,175 करोड़ का बजट रखा गया है, ताकि सहायता अधिक व्यापक रूप से दी जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार हर वर्ग, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है।
सहायता का वास्तविक असर
इन योजनाओं के चलते:
- बुज़ुर्गों को नियमित पेंशन मिलती है,
- विधवा महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं,
- बच्चों को सुरक्षित पालन-पोषण और शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं,
- दिव्यांग लोगों को जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का समर्थन मिलता है।
राज्य सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा के बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है और इसी वजह से योजनाओं का लक्ष्य हर व्यक्ति तक मदद पहुँचाना है।
