Punjab News: पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने के लिए कड़ा कदम उठाते हुए नया कानून लाने का दावा किया है। वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में लाई गई संशोधित व्यवस्था राज्य में इंसाफ सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत बेअदबी के दोषियों को उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक जुर्माने की सजा दी जाएगी। इसके साथ ही इस अपराध को पूरी तरह गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है, जिससे आरोपी आसानी से बच नहीं पाएंगे।
विपक्ष पर लगाया लोगों को गुमराह करने का आरोप
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक लोगों को गुमराह किया, जबकि आरोपी खुलेआम घूमते रहे। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल जांच समितियां (SIT) बनाई, लेकिन दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने पहली बार जिम्मेदारी तय करते हुए अदालत में चालान पेश किए हैं, जिससे न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
नकोदर और 2015 की घटनाओं का किया जिक्र
मंत्री ने 1986 के नकोदर कांड और 2015 में बहिबल कलां व अन्य स्थानों पर हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में लंबे समय तक न्याय नहीं मिल पाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सबूतों को नष्ट करने और दोषियों को बचाने का प्रयास किया, जिससे लोगों का विश्वास कमजोर हुआ।
बेअदबी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
वित्त मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकार बेअदबी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा सख्त कानून अब तक क्यों नहीं बनाया गया, जबकि पंजाब ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाया है।
सरकार का मानना है कि यह कानून राज्य में धार्मिक सद्भाव बनाए रखने और लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
