Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार कई सालों से पंजाब का पानी इस्तेमाल कर रही है, लेकिन उसका पैसा नहीं दिया। उनके अनुसार यह बकाया अब करीब ₹1.44 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
💧 पैसा दो या पानी बंद करो
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राजस्थान के पास अब दो ही रास्ते हैं—या तो वह पूरा बकाया चुका दे या फिर पंजाब से पानी लेना बंद कर दे। उन्होंने इसे पंजाब के अधिकार का मुद्दा बताया।
📜 1920 के समझौते की कहानी
इस विवाद की शुरुआत साल 1920 के एक समझौते से होती है। उस समय यह तय हुआ था कि राजस्थान पानी के बदले भुगतान करेगा। लंबे समय तक इस नियम का पालन भी हुआ।
⚖️ 1960 के बाद भुगतान बंद
मुख्यमंत्री के अनुसार साल 1960 तक भुगतान होता रहा, लेकिन Indus Waters Treaty के बाद राजस्थान ने पैसे देना बंद कर दिया। इसके बावजूद वह लगातार पंजाब का पानी लेता रहा।
🤔 दो नियमों का अलग-अलग इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पानी लेने के लिए 1920 के समझौते को मानता है, लेकिन पैसे देने की बात आती है तो 1960 के नियमों का हवाला देता है। इसे उन्होंने गलत बताया।
🔍 समीक्षा कभी नहीं हुई
समझौते में यह भी लिखा था कि हर 25 साल में इसकी समीक्षा होनी चाहिए, लेकिन पिछली सरकारों ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। इसी वजह से यह मामला इतना बड़ा बन गया।
📩 राजस्थान को चिट्ठी और मीटिंग की मांग
पंजाब सरकार ने इस मुद्दे पर बात करने के लिए राजस्थान सरकार को चिट्ठी भेजी है और मीटिंग की मांग की है, ताकि इस समस्या का हल निकाला जा सके।
🏛️ केंद्र सरकार तक पहुंचा मामला
इस पूरे मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने भी रखा गया है, ताकि दोनों राज्यों के बीच समाधान निकाला जा सके।
⚡ पंजाब अपना हक लेकर रहेगा
अंत में Bhagwant Mann ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब का हक लेकर रहेगी और इस बकाया की वसूली के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
