Punjab News: पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले एक वर्ष में 63,749 बैंक खातों को फ्रीज किया है। इन खातों के जरिए करीब 540.34 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। पुलिस का कहना है कि समय रहते बैंक खाते फ्रीज करने से साइबर ठगों तक पैसे पहुंचने से रोका गया और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने में भी मदद मिली।
2024 से अब तक 64 करोड़ रुपये की रिकवरी
पंजाब पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 से अब तक करीब 64 करोड़ रुपये साइबर ठगी के पीड़ितों को वापस दिलाए गए हैं। इनमें से 38.42 करोड़ रुपये की रिकवरी केवल 1 जनवरी 2025 के बाद की गई। इस अवधि में राज्य में 62,253 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए।
फ्रीज की गई राशि में बढ़ी सफलता
पुलिस ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में धोखाधड़ी से जुड़ी राशि को फ्रीज करने की सफलता दर 16.13 प्रतिशत से बढ़कर 23.43 प्रतिशत हो गई है। इसे साइबर अपराध की रोकथाम और वित्तीय रिकवरी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
डीजीपी ने क्या कहा?
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से न केवल हजारों बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं, बल्कि देशभर में सक्रिय संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, त्वरित कार्रवाई और वित्तीय निगरानी के जरिए साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा रहा है।
इन जिलों में सबसे अधिक बैंक खाते हुए फ्रीज
पुलिस के अनुसार सबसे अधिक कार्रवाई जालंधर कमिश्नरेट में हुई, जहां 16,032 बैंक खाते फ्रीज किए गए। इसके अलावा—
- कपूरथला – 7,344 खाते
- होशियारपुर – 7,201 खाते
- फिरोजपुर – 6,930 खाते
- तरनतारन – 5,229 खाते
- जालंधर ग्रामीण – 4,475 खाते
फ्रीज किए गए खातों से करोड़ों रुपये की रिकवरी भी की गई।
कनाडा से जुड़े साइबर ब्लैकमेलिंग मामले का खुलासा
पंजाब पुलिस ने कनाडा में रहने वाले एक पंजाबी नागरिक से जुड़े साइबर ब्लैकमेलिंग मामले का भी खुलासा किया। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित से संपर्क किया, धार्मिक गतिविधि के नाम पर भरोसा जीतकर निजी वीडियो हासिल किए और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया।
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 3.49 लाख रुपये नकद, 500 अमेरिकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
जागरूकता अभियान भी चला रही है पुलिस
पंजाब पुलिस साइबर अपराध रोकने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि लोगों को जागरूक भी बना रही है।
राज्यभर में 129 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए गए।
डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर
पंजाब पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से निपटने के लिए सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता दोनों जरूरी हैं। इसी दोहरी रणनीति के जरिए नागरिकों की बचत को सुरक्षित रखने और डिजिटल लेनदेन पर लोगों का भरोसा मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
