Punjab News: मानसून के साथ डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इन बीमारियों का पूरी तरह कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे मरीजों को इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ रही।
बुखार से लेकर डेंगू तक का मुफ्त इलाज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत डेंगू, मलेरिया, वायरल हेपेटाइटिस, एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस और तेज बुखार जैसी मौसमी बीमारियों का इलाज पूरी तरह कैशलेस किया जा रहा है। मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार पैकेज 2,100 रुपये से 8,400 रुपये तक उपलब्ध हैं।
इलाज की सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), जिला अस्पताल और योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है।
लाभार्थी ने साझा किया अनुभव
अमृतसर की रहने वाली बलविंदर कौर ने बताया कि तेज बुखार होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनका 8,400 रुपये का कैशलेस इलाज हुआ।
उन्होंने कहा कि सिलाई का काम कर परिवार चलाने वाली होने के कारण इलाज का खर्च उठाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना ने समय पर इलाज और आर्थिक सहायता देकर बड़ी राहत दी।
पहले 48 घंटे सबसे अहम
सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं एमडी मेडिसिन डॉ. राज कुमार ने कहा कि मानसून के दौरान हर बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
उनके अनुसार—
- लगातार दो दिन से अधिक बुखार रहने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
- डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और वायरल हेपेटाइटिस के शुरुआती लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं।
- पहले 48 घंटे में सही जांच और उपचार गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है।
- स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
सरकार ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने मानसून के दौरान अस्पतालों, जांच सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि—
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
- बुखार आते ही तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
- पात्र परिवार मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ उठाकर समय पर मुफ्त इलाज कराएं।
किन जिलों में सबसे ज्यादा मामले?
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) के आंकड़ों के अनुसार बुखार से जुड़े सबसे अधिक कैशलेस उपचार के मामले—
- फाजिल्का
- मोगा
- संगरूर
- गुरदासपुर
- होशियारपुर
जिलों से सामने आए हैं। इससे स्पष्ट है कि लोग अपने नजदीकी अस्पतालों में ही योजना का लाभ लेकर समय पर इलाज करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बुखार और डेंगू तक सीमित नहीं है। इसके तहत डायलिसिस, हृदय रोग, आईसीयू उपचार और अन्य गंभीर बीमारियों का भी कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मानसून के दौरान बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच यह योजना हजारों परिवारों के लिए आर्थिक और चिकित्सकीय सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है।
