Punjab News: पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल हो चुकी है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब के अनुसार, 23 जून 2026 तक 4,43,906 से अधिक मरीजों को योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ मिला है। इस दौरान मरीजों के इलाज पर 782.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
यह योजना सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
पटियाला बना योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी जिला
एसएचए के आंकड़ों के अनुसार, पटियाला योजना के क्रियान्वयन और उपयोग दोनों में राज्य में पहले स्थान पर है। जिले में 52,672 मरीजों का उपचार किया गया, जिन पर 79.15 करोड़ रुपये खर्च हुए।
इसके बाद बठिंडा में 30,813 मरीजों पर 76.81 करोड़ रुपये तथा लुधियाना में 44,227 मरीजों के इलाज पर 60.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने क्या कहा?
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने लोगों को इलाज के दौरान होने वाले बड़े आर्थिक बोझ से राहत दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब का कोई भी परिवार बीमारी के कारण कर्ज के बोझ तले न दबे। उनके अनुसार यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए वास्तविक जीवन रेखा साबित हो रही है।
अन्य जिलों में भी बढ़ रहा योजना का लाभ
राज्य के अन्य जिलों में भी योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिला है।
- जालंधर: 27,682 मरीज
- अमृतसर: 20,503 मरीज
- एसएएस नगर (मोहाली): 20,085 मरीज
वहीं कपूरथला और मलेरकोटला जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिलों में भी लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता और अस्पताल नेटवर्क के विस्तार का संकेत मिलता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिल रही राहत
योजना का लाभ ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंच रहा है। कई लाभार्थियों ने बताया कि यदि यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती तो उन्हें इलाज के लिए अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती। सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पहुंच आसान हुई है और कैशलेस इलाज का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
