Punjab News: पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विपुल उज्ज्वल ने देश के सबसे बड़े ग्रामीण शासन डेटा प्लेटफॉर्म पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (National Awards for e-Governance-2026) में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया।
जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला सम्मान
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 1 और 2 जुलाई 2026 को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स को कैटेगरी-7 (डिजिटल प्लेटफॉर्म में डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन) के तहत गोल्ड अवॉर्ड दिया गया।
विपुल उज्ज्वल ने निभाई अहम भूमिका
2009 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी विपुल उज्ज्वल, जो वर्तमान में केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय में डायरेक्टर (कैपेसिटी बिल्डिंग डिवीजन) के रूप में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, ने इस परियोजना की अवधारणा, विकास, डिजिटल क्रियान्वयन और देशव्यापी विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय, डिजिटल पोर्टल को मजबूत बनाने, विभिन्न मंत्रालयों के डेटा एकीकरण तथा बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन में भी प्रमुख योगदान दिया।
देश की 97 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों का हुआ मूल्यांकन
PAI 2.0 के तहत देशभर की 2,59,867 ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन किया गया, जो भारत की कुल 2,66,999 ग्राम पंचायतों का लगभग 97.3 प्रतिशत है। पहले संस्करण में यह भागीदारी 80.79 प्रतिशत थी।
इस बार 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस मूल्यांकन प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
150 संकेतकों के आधार पर होता है मूल्यांकन
पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स के तहत ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन 150 संकेतकों और 230 डेटा बिंदुओं के आधार पर किया जाता है। यह मूल्यांकन स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) के अनुरूप तैयार किया गया है।
रिपोर्टिंग को सरल बनाने के लिए 11 सरकारी योजनाओं और 6 केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़े 59 डेटा बिंदु स्वतः डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्राप्त किए जाते हैं। इनमें ई-ग्राम स्वराज, जल जीवन मिशन, मनरेगा, पोषण ट्रैकर और यू-डाइस प्लस जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।
लाखों जनप्रतिनिधियों को मिला प्रशिक्षण
इस पहल के तहत देश में ग्रामीण प्रशासन से जुड़े अब तक के सबसे बड़े क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में से एक चलाया गया। इसके अंतर्गत 4.71 लाख से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा लगभग 37 लाख निर्वाचित जनप्रतिनिधि, 7,135 ब्लॉक विकास अधिकारी और 741 जिला स्तरीय अधिकारी इस प्रणाली से जुड़े हैं।
पंचायत विकास योजनाओं में हो रहा उपयोग
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स के स्कोर का उपयोग अब राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार, ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) और विभिन्न राज्यों की प्रोत्साहन योजनाओं में किया जा रहा है। पंजाब, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने इसे अपनी योजनाओं में अपनाना भी शुरू कर दिया है।
प्रशासनिक सेवा में चर्चित है अधिकारी दंपती
विपुल उज्ज्वल की पत्नी सोनाली गिरी भी 2009 बैच की पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में पंजाब सरकार में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सचिव के रूप में कार्यरत हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के कारण यह अधिकारी दंपती भी विशेष पहचान रखता है।
पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स की सफलता और उसे मिले राष्ट्रीय सम्मान ने न केवल केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की उपलब्धि को रेखांकित किया है, बल्कि पंजाब कैडर के अधिकारी विपुल उज्ज्वल के योगदान को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
