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Punjab News: पंजाब में टैक्स डिफॉल्टरों पर बड़ी कार्रवाई, वैट-जीएसटी बकायेदारों की संपत्तियों की नीलामी शुरू

पंजाब
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Punjab News: पंजाब सरकार ने वैट और जीएसटी बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी शुरू कर दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि लंबे समय से कर भुगतान से बच रहे डिफॉल्टरों से सरकारी राजस्व की वसूली के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।

पहली नीलामियों से करोड़ों की वसूली

वित्त मंत्री ने बताया कि आबकारी एवं कर विभाग ने हाल ही में तीन बड़ी नीलामियां सफलतापूर्वक पूरी की हैं।

मोहाली में स्थित डिफॉल्टर फर्म मैसर्स सुमित इंजीनियरिंग की संपत्ति 13.22 करोड़ रुपये में नीलाम की गई। वहीं, जालंधर के शाहकोट में स्थित मैसर्स एम.आर. राइस मिल्स की संपत्ति की नीलामी से 1.11 करोड़ रुपये की वसूली हुई।

सरकार के अनुसार सफल बोलीदाताओं ने पहले चरण में 3.58 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा करा दिए हैं, जबकि शेष राशि आगामी दिनों में नियमानुसार जमा कराई जाएगी।

ओटीएस योजना का लाभ नहीं उठाने वालों पर कार्रवाई

हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विशेष रूप से उन पुराने कर बकायेदारों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने सरकार की एकमुश्त निपटान योजना (OTS) के तहत दी गई राहत का लाभ नहीं उठाया।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि जनता के वैध धन की वसूली सुनिश्चित करना है।

करदाताओं को मिला अंतिम मौका

व्यापारियों और करदाताओं को राहत देते हुए पंजाब सरकार ने ओटीएस योजना की अवधि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है।

इस योजना के तहत वैट बकायेदार अपने पुराने विवादों और लंबित मामलों का निपटारा कर सकते हैं तथा कानूनी कार्रवाई और सरकारी प्रवर्तन से बच सकते हैं।

20 और संपत्तियों की नीलामी की तैयारी

वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग ने राज्यभर में कई पुराने और आदतन डिफॉल्टरों की संपत्तियों की पहचान कर ली है। आने वाले हफ्तों और महीनों में विभिन्न जिलों में लगभग 20 अन्य संपत्तियों की नीलामी की जाएगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी कर बकाया को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ अब और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बैंक खाते अटैच करने से लेकर संपत्ति जब्ती तक कार्रवाई

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आबकारी एवं कर विभाग सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें बैंक खातों को अटैच करना, संपत्तियों को जब्त करना और चल-अचल संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी शामिल है।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ईमानदारी से कर चुकाने वाले हजारों कारोबारियों और करदाताओं को कुछ जानबूझकर डिफॉल्टरों की वजह से नुकसान न उठाना पड़े।