Punjab News: पंजाब सरकार ने बच्चों के कल्याण और सुरक्षा की दिशा में एक संवेदनशील पहल करते हुए पांच बांग्लादेशी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके देश भेजकर परिवारों से पुनर्मिलन का रास्ता तैयार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह कदम बच्चों के अधिकारों और उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2023 में सीमावर्ती क्षेत्र में मिले थे बच्चे
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ये बच्चे वर्ष 2023 के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में मिले थे। इसके बाद बाल कल्याण समितियों के निर्देशानुसार उन्हें पंजाब के विभिन्न बाल गृहों में सुरक्षित रखा गया।
इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, काउंसलिंग और समग्र विकास का विशेष ध्यान रखा गया ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से पूरी हुई प्रक्रिया
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि बांग्लादेश उच्चायोग, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से बच्चों की पहचान और उनके परिवारों की पुष्टि की गई।
सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पांचों बच्चों को सुरक्षित रूप से बांग्लादेश भेजा गया, जहां वे अपने परिवारों से दोबारा मिल सकेंगे।
परिवार का साथ हर बच्चे का अधिकार
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हर बच्चे को अपने परिवार का प्यार, सुरक्षा और अपनापन मिलने का अधिकार है। परिवार से पुनर्मिलन किसी भी बच्चे के जीवन के सबसे खुशी भरे और यादगार क्षणों में से एक होता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार प्रत्येक बच्चे के हितों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।
मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि जब कोई बच्चा अपने परिवार से दोबारा जुड़ता है, तो यह केवल एक परिवार की खुशी नहीं होती बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भी जीत होती है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार भविष्य में भी बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास के लिए ऐसे प्रयास जारी रखेगी।
