Punjab News: पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मुफ्त आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्तर की संस्था अपोलो मेड स्किल्स के माध्यम से दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
1 जुलाई से शुरू होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 से शुरू होंगे। यह प्रशिक्षण पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के माध्यम से लुधियाना और जालंधर के चयनित केंद्रों में आयोजित किया जाएगा।
दो प्रमुख कोर्स में मिलेगा प्रशिक्षण
सरकार की ओर से दो रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं—
- केयर-गिवर – मदर एंड न्यू बॉर्न (माता और नवजात शिशु की देखभाल)
- एल्डरली केयर टेकर (वृद्धजनों की देखभाल)
इन कोर्सों के माध्यम से युवाओं को स्वास्थ्य और देखभाल क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान मिलेंगी ये सुविधाएं
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को कई सुविधाएं मुफ्त दी जाएंगी—
- निशुल्क आवास
- मुफ्त भोजन
- प्रशिक्षण किट
- राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र
- प्लेसमेंट सहायता
- उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी और पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी—
- पंजाब का स्थायी निवासी होना चाहिए
- अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंधित होना चाहिए
- कम से कम 10वीं पास होना चाहिए
युवाओं को मिलेगा रोजगार का बेहतर मौका
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि कौशल विकास युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। जब कोई युवा प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्राप्त करता है तो उसका पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होता है और समाज में आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार युवाओं को रोजगार, कौशल और बेहतर भविष्य देने के लिए लगातार काम कर रही है।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक उम्मीदवार अपनी जानकारी निम्न ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं—
इसके अलावा अभ्यर्थी अपने जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
स्वास्थ्य और केयर सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि इस पहल से अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को नई दिशा मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान दे सकेंगे।
