Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले की पहचान बन चुके ‘विष्णु भोग’ चावल की खुशबू अब पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गई है। जिले के प्रवास पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम का स्वागत स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे ‘विष्णु भोग’ चावल से किया गया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले की विशिष्ट पहचान माने जाने वाले इस पारंपरिक सुगंधित चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया।
बिहान योजना से महिलाओं को मिली नई पहचान
‘विष्णु भोग’ चावल का उत्पादन जिले में बिहान योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने डीजीपी को चावल की गुणवत्ता, इसकी विशेषताओं और उत्पादन से लेकर विपणन तक महिला समूहों की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और स्थानीय किसानों को भी बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है।
डीजीपी ने की महिला समूहों के प्रयासों की सराहना
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ‘विष्णु भोग’ चावल केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और आजीविका सशक्तिकरण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानीय उत्पाद न केवल जिले की विशिष्ट पहचान को मजबूत करते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देते हैं। यदि गुणवत्ता और परंपरा के साथ ऐसे उत्पाद तैयार किए जाते रहे, तो भविष्य में इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विशेष पहचान मिल सकती है।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
डीजीपी ने विश्वास जताया कि महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों और स्व-सहायता समूहों के लिए बेहतर विपणन के अवसर तैयार होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए स्रोत विकसित होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐसे प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहां स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जा रहा है।
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने महिला स्व-सहायता समूहों की इस पहल को ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का सफल मॉडल बताया।
