Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की अगुवाई में राज्य मंत्रीमंडल ने मॉनसून से पहले बाढ़ की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने नदियों, चोओं और सेम नालों से गाद (मिट्टी) निकालने के लिए जमीन मालिकों को अपनी लागत पर काम करने की अनुमति दे दी है। साथ ही खुदाई से निकली सामग्री को मुफ्त में उपयोग करने का अधिकार भी दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य आगामी मॉनसून सीजन में पानी के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करना और बाढ़ के जोखिम को कम करना है।
सतलुज, ब्यास और सिसवां नदियों की सफाई पर विशेष ध्यान
सरकार ने विशेष रूप से प्रमुख नदियों की सफाई और जल प्रवाह क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है, जिनमें:
- Sutlej River
- Beas River
- Siswan River
शामिल हैं। इन नदियों और नालों में जमा गाद को समय पर हटाने से जल प्रवाह बेहतर होगा और बाढ़ जैसी स्थिति से बचाव संभव हो सकेगा।
9 महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान, जल्द शुरू होगा काम
पंजाब सरकार ने आगामी मॉनसून को ध्यान में रखते हुए 9 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है, जहां गाद निकालना जरूरी है।
यदि इन स्थानों पर समय रहते सफाई नहीं की गई, तो:
- नदियों में पानी का प्रवाह धीमा हो सकता है
- गाद जमा होने से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है
- आसपास की सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान हो सकता है
इसलिए सरकार ने समय से पहले कार्रवाई करते हुए गाद निकालने की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है।

जमीन मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई नीति के तहत जमीन मालिकों को कई लाभ मिलेंगे।
- वे अपनी जमीन के पास नदियों और नालों से गाद निकाल सकते हैं
- निकाली गई मिट्टी और सामग्री का उपयोग खेती या निर्माण में कर सकते हैं
- इसके लिए उन्हें अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा
यह व्यवस्था गाद निकालने के काम को तेज करने और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
पंचायतों में आरक्षण संतुलन के लिए नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में आरक्षण संतुलन बनाए रखने के लिए नियम-6 में संशोधन को मंजूरी दी है।
इस संशोधन का उद्देश्य:
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जाति की महिलाएं
- महिलाएं
- सामान्य वर्ग
जैसी विभिन्न श्रेणियों में प्रतिनिधित्व को संतुलित और न्यायसंगत बनाना है।
यदि किसी जिले में कुल सीटों का 10 प्रतिशत या उससे अधिक प्रभावित होता है, तो आरक्षण का रोस्टर नए सिरे से तैयार किया जाएगा। पंजाब सरकार का यह निर्णय मॉनसून से पहले बाढ़ रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नदियों और नालों से गाद निकालने की अनुमति देने से जल प्रवाह बेहतर होगा, बाढ़ का खतरा कम होगा और लोगों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही पंचायतों में आरक्षण संतुलन के लिए नियमों में संशोधन से स्थानीय प्रशासन में प्रतिनिधित्व और पारदर्शिता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
