Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने बेअदबी के मामलों को लेकर बड़ा और अहम ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अब और सख्ती दिखाएगी और कानून में जरूरी बदलाव करेगी, ताकि ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोका जा सके। उनके अनुसार, नया कानून ऐसा होगा जिसमें दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 साल की सजा और गंभीर मामलों में उम्रकैद तक की सजा दी जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद सिर्फ कानून बनाना नहीं है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है। बेअदबी जैसे मामलों को बेहद संवेदनशील बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैसाखी पर विशेष सत्र का फैसला
सरकार इस कानून को मजबूत करने के लिए बैसाखी के मौके पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस सत्र में Sri Guru Granth Sahib Satkar Act 2008 में संशोधन पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कानून को और प्रभावी बनाने के लिए कानूनी विशेषज्ञों और संत समाज से लगातार चर्चा की जा रही है, ताकि यह हर पहलू से मजबूत और लागू करने योग्य हो।
यह कदम सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत धार्मिक मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को खत्म किया जा सके और दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके।
अकाली दल पर तीखा हमला
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने Sukhbir Singh Badal और Shiromani Akali Dal पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान कोटकपूरा और बहिबल कलां जैसी घटनाएं हुईं, लेकिन उस समय उचित कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस दौर में सरकार ने आंखें मूंद ली थीं और अब लोग इन घटनाओं को भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता सच्चाई जानती है और जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।
लोगों की आस्था से जुड़ा मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि बेअदबी का मुद्दा केवल कानून का नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का विषय है। उन्होंने कहा कि जब किसी धार्मिक ग्रंथ का अपमान होता है, तो यह पूरे समाज को आहत करता है।
इसी वजह से सरकार इस विषय को बेहद गंभीरता से ले रही है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी ताकि लोगों को न्याय मिल सके।
सख्त कानून से मिलेगा स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कानून सख्त होगा, तो समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा कि धार्मिक ग्रंथों के सम्मान के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इससे ऐसे अपराध करने वालों में डर पैदा होगा और घटनाओं पर रोक लगेगी।
उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और इस दिशा में जो भी जरूरी कदम होंगे, उन्हें जल्द लागू किया जाएगा, ताकि राज्य में शांति, सम्मान और विश्वास का माहौल बना रहे।
