Punjab News: पंजाब में पशुपालन विभाग को मजबूती, नए अधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र

पंजाब
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Punjab News: पंजाब सरकार ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री Gurmeet Singh Khudian ने नए चयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान तीन वेटरनरी ऑफिसर, एक वेटरनरी इंस्पेक्टर और 16 डेयरी डेवलपमेंट इंस्पेक्टर (ग्रेड-2) को नियुक्ति दी गई।

2022 से अब तक 1257 भर्तियां

मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्षों में विभाग में बड़े स्तर पर भर्तियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि 2022 से अब तक कुल 1257 पद भरे जा चुके हैं। इसमें 619 वेटरनरी ऑफिसर और 579 वेटरनरी इंस्पेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा क्लर्क, लैब असिस्टेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य कई पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं।

पारदर्शी और मेरिट आधारित चयन

सरकार ने इन भर्तियों को पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर पूरा किया है। मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि योग्य उम्मीदवारों को ही मौका मिले। इसके साथ ही कुछ नियुक्तियां दयालु आधार (कम्पैशनेट ग्राउंड) पर भी की गई हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिला है।

नए अधिकारियों को जिम्मेदारी निभाने की अपील

नियुक्ति पत्र बांटते समय मंत्री ने सभी नए अधिकारियों को बधाई दी और उन्हें अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी और लगन से निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसानों और डेयरी संचालकों को समय पर बेहतर सेवाएं मिलना बेहद जरूरी है, इसलिए सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा के साथ काम करना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं होंगी बेहतर

इन नई भर्तियों से राज्य के ग्रामीण इलाकों में पशु स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। इससे पशुओं में बीमारियों की रोकथाम, इलाज और डेयरी उत्पादन में सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

सरकार का फोकस कृषि और पशुपालन पर

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों और पशुपालकों को हर संभव सहायता दी जाए और उनकी आय में वृद्धि हो।

राज्य में विकास को मिलेगा बढ़ावा

नई नियुक्तियों के साथ विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा। इससे न केवल पशुपालन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी योगदान होगा।