Punjab News: आनंदपुर साहिब से सांसद Malvinder Singh Kang ने संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि Aam Aadmi Party (आप) महिला आरक्षण कानून का पूरा समर्थन करती है और केंद्र सरकार से मांग करती है कि 2023 में पारित हुए महिला आरक्षण बिल को बिना देरी के जल्द लागू किया जाए।
सांसद कंग ने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण देश के विकास के लिए जरूरी है और महिलाओं को राजनीति में बराबर भागीदारी मिलनी चाहिए।
महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की मांग
संसद में बोलते हुए सांसद कंग ने कहा कि उनकी पार्टी के राष्ट्रीय नेता Arvind Kejriwal और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann भी महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के पक्ष में हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि:
- महिला आरक्षण कानून को जल्द जमीन पर लागू किया जाए
- महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाई जाए
- संसद और विधानसभा में महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएं
कंग ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना समाज की जिम्मेदारी है।
परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
सांसद मालविंदर कंग ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन के माध्यम से पंजाब जैसे छोटे राज्यों की राजनीतिक प्रतिनिधित्व क्षमता को कम करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने तर्क दिया कि:
- पंजाब ने जनसंख्या नियंत्रण का पालन किया
- कम आबादी के कारण राज्य की सीटें घट सकती हैं
- इससे छोटे राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं
कंग ने कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है और सभी राज्यों के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
इतिहास का हवाला देकर महिला सम्मान पर जोर
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए सांसद कंग ने सिख इतिहास का उल्लेख किया और बताया कि गुरु साहिबान ने हमेशा महिलाओं के सम्मान और समानता की बात की है।
उन्होंने कहा कि जब कई देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था, तब सिख संस्थाओं ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया था। इससे यह साबित होता है कि समाज में महिलाओं की भागीदारी हमेशा से महत्वपूर्ण रही है।
सांसद मालविंदर कंग ने संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी पार्टी का स्पष्ट रुख रखते हुए महिलाओं के अधिकारों और छोटे राज्यों के हितों की रक्षा की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने और परिसीमन के नाम पर राज्यों के अधिकारों को नुकसान न पहुंचाने की अपील की।
