शहीदों की बदौलत आज हम बिना किसी खौफ व भय के आजादी का आनंद ले रहे है: दर्शन लाल बवेजा
जागृति लहर डाट काम शहीदों के सपनों को पूरा करने में जुटी: एसपी सिंह ओबराय
जागृति लहर समाचार पत्र व जागृति लहर डाट काम की दसवीं वर्षगांठ धूमधाम के साथ मनाई गई
Punjab News: अमर शहीद बाबू लाभ सिंह व शहीद नरेंद्र नाथ खन्ना जालंधर की याद को समर्पित जागृति लहर समाचार पत्र एवं जागृति लहर डाट काम की दसवीं वर्षगांठ संपादक गौतम जालंधरी, एमडी बलराज खन्ना की अध्यक्षता तले गुरू नानक भवन लुधियाना में बड़ी धूमधाम के साथ मनाई गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर सरबत दा भल्ला चेरीटेबल ट्रस्ट के प्रधान डॉ. एसपी सिंह ओबराय, विशेष अतिथि सदस्य राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा, एमएलए अशोक पराशर पप्पी, पूर्व चेयरमैन दर्शन लाल बवेजा, अमन बग्गा पार्षद, परोपकार सिंह घुम्मण आदि उपस्थित रहे। जिनका स्वागत डॉ. इंद्रजीत सिंह ढींगरा, एडवोकेट राजेश मेहरा, इकबाल सिंह गिल, जसवंत सिंह छापा, डॉ. संदीप चोपड़ा, अशोक थापर आदि ने किया। जिसके बाद मेहमानों द्वारा शहीदों की फोटो पर श्रद्धाजलि भेंट की।
समारोह की शुरूआत शब्द गायन के साथ हुई जिसके उपरांत संपादक गौतम जालंधरी द्वारा उपस्थित सभी मेहमानों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. ओबराय, एमपी संजीव अरोड़ा, एमएलए अशोक पराशर पप्पी व अमन बग्गा पार्षद द्वारा दर्शन लाल बवेजा को गौ सेवक, अशोक थापर को पक्षी सेवक, आस अहसास एनजीओ के प्रमुख व आप की ज्वाइंट सेक्रेटरी रूचि कौर बावा को विमेन इंपारवेंट, रविंदर स्यान को लाइफ टाइम अचीवमेंट, डॉ. इंद्रजीत सिंह ढींगरा को शहीद नरेंद्र नाथ खन्ना अवार्ड, शिक्षा क्षेत्र में योगदान बदले सुकर्मा खुल्लर, दलविंदर सिंह बेदी को विशेष अवार्ड से सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में सरबत दा भल्ला चेरीटेबल ट्रस्ट के प्रधान डॉ. एसपी सिंह ओबराय ने कहा कि आज पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीयता को बनाये रखने की है। जिसे जागृति लहर न्यूज ग्रुप बाखूबी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता है तथा समाज को दशा व दिशा देने में मीडिया को अहम योगदान है। उन्होंने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे लोक भलाई के कामों के बारे में भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर एमपी संजीव अरोड़ा, एमएलए अशोक पराशर पप्पी, अमन बग्गा खुराना पार्षद ने पाठकों को रचनात्मक और सूचनात्मक सामग्री प्रदान करने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। एक स्थानीय मीडिया हाउस की 10वीं वर्षगांठ समारोह में बोलते हुए अरोड़ा ने चिंता व्यक्त की कि नकारात्मक समाचारों को अक्सर सकारात्मक विकास की तुलना में अधिक प्रमुखता मिलती है, जो, उन्होंने कहा, समाज में नकारात्मकता फैलाने में योगदान देता है।
उन्होंने बताया कि विकास या सकारात्मक पहल को उजागर करने वाली रिपोर्ट अक्सर अंदर के पन्नों पर चली जाती हैं, जबकि नकारात्मक या अपराध से संबंधित खबरें कई अखबारों के पहले पन्ने पर छाई रहती हैं। उन्होंने कहा, “पत्रकारिता को सकारात्मक भावना से किया जाना चाहिए,” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया में एक स्वस्थ और अधिक प्रगतिशील समाज बनाने की शक्ति है।
ये भी पढ़ेंः Punjab: मान सरकार का बड़ा आदेश, छुट्टी के दिन भी सभी कर्मचारी 24 घंटे फोन पर रहें एक्टिव
एमपी संजीव ने आगे कहा कि कभी-कभी मीडिया द्वारा छोटे-मोटे मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, जिससे निराशावाद का अनावश्यक माहौल बनता है। उन्होंने कहा, “सकारात्मक समाचार लोगों को प्रेरित करने और समाज के कल्याण में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने की क्षमता रखते हैं।” जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए अरोड़ा ने कहा कि पत्रकारिता को केवल एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में नहीं बल्कि एक मिशन के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया घरानों से संख्या से अधिक गुणवत्ता को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता और पत्रकारिता के मानकों को बेची या प्रसारित की गई प्रतियों की संख्या से अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
एमपी संजीव ने दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निवारक स्वास्थ्य सेवा, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, फिटनेस और सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल जैसे विषयों की नियमित कवरेज पाठकों को बहुत लाभ पहुंचा सकती है और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य संबंधी समाचार कभी-कभार की रिपोर्टों तक सीमित नहीं होने चाहिए बल्कि दैनिक पत्रकारिता का एक निरंतर हिस्सा होना चाहिए।
ये भी पढ़ेंः Punjab News: डीजीपी गौरव यादव ने सभी SSPs और CPs के साथ समीक्षा बैठक बुलाई
उन्होंने कहा, “सटीक और सकारात्मक स्वास्थ्य जानकारी फैलाने से लोगों को बेहतर जीवन शैली विकल्प चुनने और बीमारियों के बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।” उन्होंने मीडिया घरानों से स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को अधिक स्थान देने का आग्रह किया। अपने संबोधन के दौरान अरोड़ा ने जालंधर के स्वतंत्रता सेनानी नरेंद्र नाथ खन्ना को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 9 मार्च, 1947 को अपने प्राणों की आहुति दी थी।
